मौत की अनसुलझी पहेली “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस” –डा० नीलम महेंद्रा

अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। जिस स्वतंत्रता को अहिंसा से […]

मानव श्रृंखला —सरकार है या घनचक्कर –शैलेश कुमार

बिहार में मानव श्रृंखला शराब बंदी का नाटक——–एक तरफ वाइन किंग तैयार दूसरे तरफ मानव श्रृंखला, समझ नहीं आ रहा है कि यह सरकार है […]

स्वच्छ लोकतंत्र और दक्ष शासकों का परिचायक- शैलेश कुमार

कालाधन :राजा के निर्लोभ और राष्ट्रभक्त होने से अफसरों और विभागों की चौकसी भी राष्ट्रभक्त हो जाता है यह वर्तमान की मोदी सरकार का प्रत्यक्ष […]

शिव तांडव स्तोत्रम संपूर्णम

जटाटवी गलज्जलप्रवाह पावित स्थले, गलेव लंब्य लंबितां भुजंग तुंग मालिकाम, डमड डमड डमड डमन्निाद वडड मर्वयं चकार चंड तांडवं तनोतु नुः शिवः शिवम (1) अर्थः- […]

गाय की हत्या पर पाबंदी भी लगाओ–हुमायूँ से बाबर

सुतिंदर छाबडा———-बाबर ने अपने पुत्र हुमायूँ को मरने से पहले जो वसीयत की थी वो आज भी ग्वालियर के संग्रहालय में सुरक्षित है, उसका हिंदी […]