वेब मीडिया के संबंध में सभी राज्य सरकार गौण है, उसके पास कोई नीति ही नही है. कारण यह है कि राज्य सरकार की मीडिया सलाह्कार वेब तकनीकी दृष्टि से महामूर्ख है.

कई राज्यों ने डीएवीपी के उट-पटांग नियम को लागू करने की कोशिश कि है लेकिन उस राज्य के वेब मीडिया नीतिकार भी अनभिज्ञ है.
उनके यह कदम सराहनीय है क्योकि नये वस्तु के लिये कदम उठाना भी साहसिक व्यक्ति का काम है. जिसमे उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड अग्रणीय है.
वेब मीडिया के संबंध में उठाये गये कदम त्रुटिपूर्ण तो है लेकिन जब कदम एकबार उठ जाती है तो संशोधन की प्रक्रिया सामने आती रहती है.
आशा करते हैं कि जो राज्य वेब मीडिया को अपने मीडिया परिपत्रक मे संलग्न नही किया है, वह अवश्य कदम बढायेगा.
