लखनऊ(निशांत सक्सेना) नई स्टडी में अमेरिका के 27 कमर्शियल किचन की निगरानी, गैस और प्रोपेन वाले किचन में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और गर्मी का स्तर कई […]
Category: मुद्दे
जलवायु का कुछ नुकसान अब टलना मुश्किल, लेकिन कितना बड़ा होगा यह आज के फैसलों पर निर्भर
लखनऊ (निशांत सक्सेना)जलवायु बदलाव का असर आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा, क्योंकि दुनिया पहले ही इतना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कर चुकी है कि […]
समुद्र 100 दिन तक रिकॉर्ड गर्म रहा तो कौन चुकाएगा कीमत ?
समुद्र 100 दिन तक रिकॉर्ड गर्म रहा तो कौन चुकाएगा कीमत ? लखनऊ (निशांत सक्सेना)अगर किसी शहर में लगातार 100 दिनों तक तापमान रिकॉर्ड स्तर […]
बिजली के लिए घटी मांग, उत्पादन और आयात की बदली तस्वीर : पांच दशक बाद बदली कोयले की चाल : IEA
पांच दशक बाद बदली कोयले की चाल : IEA बिजली के लिए घटी मांग, उत्पादन और आयात की बदली तस्वीर लखनऊ (निशांत सक्सेना) भारत का […]
भारत में राजनीति और अपराध के बीच संबंध: जीवर्थ एस गोपी (इंटर नेशनल जर्नल एंड एनालालिस)
(इंटर नेशनल जर्नल एंड एनालालिस में प्रसारित जीवर्थ़ गोपी का लेख का सारांश) राजनीति और अपराध के बीच संबंध:* चुनाव आयोग और न्यायपालिका के बार-बार […]
नेपाल की बाढ़ ने दुनिया से एक सवाल पूछा है
लखनऊ (निशांत सक्सेना ) -किसी प्राकृतिक आपदा को देखते ही उसे जलवायु परिवर्तन से जोड़ देना विज्ञान नहीं है। नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी […]
असम में बाढ़ : बदलती जलवायु ने बिगाड़ा स्वरूप
लखनऊ (निशांत सक्सेना) —- हर साल मानसून के साथ असम में बाढ़ की खबरें भी आने लगती हैं। नदियां उफान पर होती हैं, गांव डूब […]
अब सिर्फ़ टैरिफ की नहीं, जलवायु की भी बात कर रहे हैं व्यापार समझौते,
लखनऊ (निशांत सक्सेना): अब सिर्फ़ टैरिफ की नहीं, जलवायु की भी बात कर रहे हैं व्यापार समझौते, नई वैश्विक पहल में दिखा बदलता रुझान दुनिया […]
ग्रीन स्टील नहीं होगी महंगी, अगर स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन बढ़ें साथ-साथ
लखनऊ (निशांत सक्सेना) : ग्रीन स्टील नहीं होगी महंगी, अगर स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन बढ़ें साथ-साथ: नई रिपोर्ट स्टील बनाना दुनिया के सबसे प्रदूषणकारी […]
दुनिया में फिर बढ़ रही है भूख, जलवायु संकट और महंगाई ने करोड़ों लोगों की थाली से छीना पौष्टिक भोजन
लखनऊ (निशांत सक्सेना) कई बार थाली भरी होती है, लेकिन उसमें वह खाना नहीं होता जिसकी शरीर को ज़रूरत है। यही वजह है कि दुनिया […]
