माॅ के देहावसान से ठीक एक सप्ताह पहले हमारे सर के सामने एक सफेद साडी में एक बुढिया आती है और लुढक जाती हैं तथा […]
Category: संपादकीय
20 देशों के तुलना में भारत के जनताओं का देश निर्माण में योगदान
– काला धन क्या है और कहाँ है : क्या कभी किसी ने इस पर गौर किया है। – किसी खरीददार के पास 20 रुपया […]
उत्तरप्रदेश के चुनाव में परिणाम का स्वयं निर्णय करें –शैलेश कुमार
प्रतिशत ( % )में मुस्लिम जनसंख्या : 2012 के आंकड़ा इस प्रकार है 5 वर्षों में प्रतिशत तो बढ़ा ही है। 2007 के चुनाव में […]
मौत की अनसुलझी पहेली “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस” –डा० नीलम महेंद्रा
अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। जिस स्वतंत्रता को अहिंसा से […]
मानव श्रृंखला —सरकार है या घनचक्कर –शैलेश कुमार
बिहार में मानव श्रृंखला शराब बंदी का नाटक——–एक तरफ वाइन किंग तैयार दूसरे तरफ मानव श्रृंखला, समझ नहीं आ रहा है कि यह सरकार है […]
सबको सम्मति दे भगवान —डॉ नीलम महेंद्र
गाँधी जी की जगह मोदी की तस्वीर। कांग्रेस ने अपने शासन काल 1996,2002,2005,2011,2012,2013 तक गाँधी जी को खादी ग्राम उद्योग के कैलेंडर से 6 बाहर […]
मुख्यमंत्री साहब ,जनता दरबार बंद करने का औचित्य !!
मुख्यमंत्री बिहार- आपने किस आधार पर जनता दरबार बंद किया । एक अच्छे शासक के लिए सीधें सपंर्क विष भी है तो अमृत भी। विष […]
तत्व शोध पर कार्यरतःः तत्व के स्वप्नवादी दर्शन- शैलेश कुमार
आम सोच वालों के लिये यह लेख नहीं है और न ही मैने उन लोगों के लिये इस श्लोकों का संग्रह किया है जिनके पास […]
कालेधन वालों के साथ आप भी ?- शैलेश कुमार
अगर आप देश को व्यवस्थित करना चाहते है तो सबसे पहले आगे आना होगा:-आपको! राष्ट्र का निर्माण कोई नेता या महान पुरुष नहीं करता है। […]
वैवाहिक खर्च पर नवसंचार के पत्रों का उत्तर-बैंकिग लोकपाल
Madam/Dear Sir, We forward herewith the complainant’s e-mail for necessary action at your end and closure advice addressed to the complainant. शिकायत संख्या.201617012002606 बैंक ********शिकायत […]
