काश ! रेल बजट तकनीक पर केन्द्रित होता——-डॉ नीलम महेंद्र

बेहतर होता कि हमारी सरकारें देश के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझतीं और सरकारी खजाने का प्रयोग दुर्घटना होने के बाद दिए जाने […]

दिल्ली में एक रात फैक्ट्री के नाम :–लक्ष्य 350 से अधिक का !!!—शैलेश कुमार

मुझे एक उद्योगपति से काम था , शाम होने पर ,मैंने उनसे कहा की जाने की देरी हो रही है, उन्होंने कहा- कोई बात नहीं, […]

दंगा के लिये मुस्लिम धर्मग्रन्थ दोषी है—शैलेश कुमार

आज का शुभ प्रभात — दंगों के नाम—————— दूसरे धर्म के प्रति आग उगलने में मुस्लिमो का कोई दोष नहीं है, दोषी है उसका धर्मग्रन्थ […]

——-दुश्मन चीनी सामान का बहिष्कार ——–शैलेश कुमार

शुभ प्रभात :— हम एक -एक व्यक्ति यह शपथ लें की चीनी सामान नहीं खरीदेंगे तो स्वत्:चीनी व्यापारी बोरिया -बिस्तर समेट लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर […]

मेरी अर्थी तुमने सजाई , कल तुम्हारी भी सजेगी—शैलेश कुमार

शुभप्रभात – -एक ठूंठ पेड़ ने कहा –आज मेरी हालत तुमने बनाई , कल तुम्हारी भी बनेगी। कुल्हाड़ी तुमने चलाई, दर्द तुम्हें होगा , मेरी […]

ई-पत्र जो उत्तरप्रदेश की दिशा और दशा बदल दे-शैलेश कुमार

शुभ प्रभात –पत्र उत्तरप्रदेश के नाम जब भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव संचालन प्रशांत कुमार को सौंपने कि बातें की, मैंने ई -पत्र से तगड़ा […]

श्रमायुक्त का ही नैतिक पतन !– शैलेश कुमार

शुभप्रभात —आज का शुभप्रभात चैम्बर, बहादुरगढ़ के नाम स्थावर समस्या –रहा न कुल कोई रोबन हारा कुछ दिन पहले चैम्बर बहादुरगढ़ , में दिल्ली से […]