सवाल ये नहीं की ताजमहल किस सम्प्रदाय से है, सवाल है की अब ताजमहल की देशहित में देन क्या है। सवाल -इतिहास क्या था ये […]
Category: संपादकीय
गुजरात चुनाव -पटेल पर दांव पेंच–शैलेश कुमार
वर्तमान में गुजरात सरकार के पास 49 % (ओबीसी और अनुसूचित जाति और जनजाति) सीट आरक्षित है अब सरकार सिर्फ 1 % ही आरक्षित कर […]
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया लोकतंत्र के लिये घातक-डाँ नीलम महेंद्र
वैसे तो भारत एक लोकतांत्रिक देश है। अगर परिभाषा की बात की जाए तो यहाँ जनता के द्वारा जनता के लिए और जनता का ही […]
किसी को हराना आसान है लेकिन किसी को जीतना काफी मुश्किल है
11 वां राष्ट्रपति 25 जुलाई 2002 – 25 जुलाई 2007 अवुल पाकिर जैनुलबदीन अब्दुल कलाम —तमिल नाडु – जन्म –ब्रिटिश भारत के मद्रास प्रेसिडेन्सी , […]
न जयप्रकाश आंदोलन कुछ कर पाया न ही अन्ना आंदोलन–डाँ नीलम महेंद्र
वीआईपी कल्चर खत्म करने के उद्देश्य से जब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मई 2017 में वाहनों पर से लालबत्ती हटाने सम्बन्धी आदेश जारी किया गया तो […]
गुजरात -बीजेपी की वापसी-लेकिन–सत्ता विरोधी मतदान पर नहीं-शैलेश कुमार
22.2587°उत्तरी देशांतर और 71.1924° पूर्वी देशांतर 23 डिग्री उत्तरी अक्षांश से 72 डिग्री पूर्वी देशांतर ******************************************* 2011 जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या 60,439,692 पुरुष–31,491,260 तथा […]
डिजिटल युग में मीडिया की चुनौती–शैलेश कुमार
डयूज कर्टीज ‘- हमने बहुत से लोगों से बाते की है , उन लोगों का कहना है कि जो भी हो , न्यूज मीडिया से […]
हास्य और अनुराग तुम्हीं थे, तानसेन का राग तुम्हीं थे-कवि चेतन नितिन खरे ,मोहोबा
*कायस्थों के अस्तित्व और स्वाभिमान सूर्य रश्मियाँ जब भी बोझिल हुईं अंधेरी रातों से, सदा मिली है ताकत इनको कागज कलम दवातों से, तुम वंशज […]
दामन पर दाग—आसान नहीं–शिव –राज –का –राज्य-्वापसी—डाँ नीलम महेंद्र
भारतीय जनता पार्टी पहली बार 5 मार्च 1990 में भोजपुर विधायक सुन्दर लाल पटवा के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कमान 15 मई 1992 तक संभाली […]
शुभप्रभात —“खुद पीड़ित”—शैलेश कुमार
कहने वाले कहते है की तुम अहंकार को छोडो पर दिल में जो विराजमान है ,कैसे उसके दिल को तोड़ें। कहने वाले कहते है की […]
