पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र के प्रति क्या देन है ?–शैलेश कुमार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय (जन्म: 25 सितम्बर 1916 –11 फ़रवरी 1968) महान चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की […]

श्रद्धांजलि——- राजा राम मोहन रॉय- आधुनिक भारत के युग प्रवर्तक

राजा राममोहन राय (बांग्ला) (22 मई 1772 – 27 सितंबर 1833) को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक । 1803-1814 तक ईस्ट […]

कांग्रेस की काली करतूतः जहां अपनी सत्ता नही वहां राष्ट्रपति शासन — शैलेश कुमार

1>.आंध्र प्रदेश 15 नवंबर 1954, 18 जनवरी 1974,28 फरंवरी 2014 2>.अरूणाचल प्रदेश 3 नवंबर 1979, 25 जनवरी 2016 3>.आसाम 12 दिसंबर 1979, 30 जून 1981, […]

संस्कारों की खान है मां की ममता — सुरेश हिन्दुस्थानी

मां एक ऐसा शब्द है, जिसमें समुद्र जैसी गहराई है, अपनापन है। मां का नाम उच्चारण करने मात्र से बुरे से बुरे व्यक्ति का मन […]

नक्सलवाद को हराती सरकारी नीतियाँ —- डॉ नीलम महेंद्र

24 अप्रैल 2017 को जब “नक्सली हमले में देश के 25 जवानों की शहादत को व्यर्थ नहीं जाने देंगे” यह वाक्य देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र […]

सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की कांग्रेसिया नौटँकी – डी०सी० शर्मा

आज कांग्रेस द्वारा राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के विरुद्ध लाये गये महाभियोग के प्रस्ताव को जैसे ही राज्यसभा के सभापति […]

दुष्कर्मियों के लिए बना फांसी का फंदा—-सुरेश हिन्दुस्थानी, पत्रकार

देश में बढ़ते जा रहे दुष्कर्म मामलों के विरोध में बड़ी कार्रवाई करते हुए केन्द्र सरकार ने दोषियों को फांसी की सजा देने का अभूतपूर्व […]