बिहार:-बिहार शराबबंदी, राज्य सरकार के विधेयक के विरूद्ध फैसला देेनेे सेे पहले कोर्ट कोे समीक्षा के लिए वापस करना चाहिए। त्रुटिपूर्ण विधेयक को संशोधन करने […]
Category: संपादकीय
मन की बात कड़ी -7 *डरपोक शासक देश के लिए घातक* –शैलेश कुमार
आज मैं बहुुत ही दीनहीन हॅू। गुप्त और मौर्यवंश के कांटा आज सीने कोे इस तरह फाड़ दिया है कि कभी दर्द और दाग मिट […]
मन की बात -6 : समाज की बिमार मानसिकता :- शैलेश कुमार
आजकल सरकार से लेकर आम लोेगों केे बीच एक ही चर्चा है – बेेटी बचाओं – बेटी पढाओं । चर्चा है। अच्छी बातें हैं। समस्याऐं […]
कड़ी – 5 मन की बात :- शैलेश कुमार
आज मैं मन की बात कुछ विशेष वर्ग के लिए कर रहा हॅू। जिन पर कहर बरपानेे वाला गंवार नहीं तो ज्ञानी भी नहीं होतेे […]
मन की बात- 4 : अस्पताल में गरीबों का इलाज:- शैलेश कुमार
इस सप्ताह हमारा केन्द्र विंदू सबसे मूलभूत समस्या स्वास्थ्य पर हैै। मैं गरिबों के इलाज के बारें में कुछ मन की बात कहना चाहता हॅू […]
मन की बात -3 : गरीब सुरक्षा की गुहार किससे करें ? – शैलेश कुमार
एक गरीब की बेटी को इज्जत लूट लिया जाता है। वह थाने में आता है । दरोगा उसे फटकार कर भगा देता है। वह फिर […]
मन की बात-2 : सरस्वती धुल में लेटी :- शैलेश कुमार
इस सप्ताह काफी चिठठीयाॅं मिली है। इस चिठठी में पढ़ाई पर ज्यादा सवाल कियें गयें है। अगर गरीब छात्र / छात्राऐं मेधावी हो तो उसे […]
रक्षाबन्धन:- साहित्यिक और पौराणिक प्रासंगिकता :- शैलेश कुमार
रक्षाबन्धन एक हिन्दू त्यौहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी […]
रक्षाबंधन पर विशेषः विश्वास की रक्षा ही रक्षाबंधन :- बरुण कुमार सिंह
भारतीय परम्परा में विश्वास का बंधन ही मूल है। रक्षाबंधन इसी विश्वास का बंधन है। यह पर्व मात्र रक्षा-सूत्र के रूप में राखी बांधकर रक्षा […]
आजादी के बाद भारत और इंडिया की तस्वीर?
बरुण कुमार सिंह————– हम कैसी आजादी और किस आजादी की बात करते हैं। आम-आदमी को तो आजादी का मतलब भी नहीं पता। तथाकथित खास आदमी […]
