मैं यह कह रहा हॅू – हमेशा यह सोचे , मैं और मेरी समस्या, मैं और मेरे समाज, मैं और मेरी सरकार। यही एक विचार […]
Category: संपादकीय
बीजेपी कोई भालू या बाघ नहीं — शैलेश कुमार
मोदी बीजेपी से कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए। आज सभी इस्लामिक राष्ट्र मोदी भारत के साथ है। इसलिए भारतीय मुस्लिमों को भी मोदी के […]
मन की बात -8 -शराब नीति-पंजाब 35, 000 करोड़ रूप्ये, उ०प्र० 19,250 करोड़ रूप्ये, हरियाणा – 3,700 रूप्ये, दिल्ली:- 3,150 करोड़ की आय
बिहार:-बिहार शराबबंदी, राज्य सरकार के विधेयक के विरूद्ध फैसला देेनेे सेे पहले कोर्ट कोे समीक्षा के लिए वापस करना चाहिए। त्रुटिपूर्ण विधेयक को संशोधन करने […]
मन की बात कड़ी -7 *डरपोक शासक देश के लिए घातक* –शैलेश कुमार
आज मैं बहुुत ही दीनहीन हॅू। गुप्त और मौर्यवंश के कांटा आज सीने कोे इस तरह फाड़ दिया है कि कभी दर्द और दाग मिट […]
मन की बात -6 : समाज की बिमार मानसिकता :- शैलेश कुमार
आजकल सरकार से लेकर आम लोेगों केे बीच एक ही चर्चा है – बेेटी बचाओं – बेटी पढाओं । चर्चा है। अच्छी बातें हैं। समस्याऐं […]
कड़ी – 5 मन की बात :- शैलेश कुमार
आज मैं मन की बात कुछ विशेष वर्ग के लिए कर रहा हॅू। जिन पर कहर बरपानेे वाला गंवार नहीं तो ज्ञानी भी नहीं होतेे […]
मन की बात- 4 : अस्पताल में गरीबों का इलाज:- शैलेश कुमार
इस सप्ताह हमारा केन्द्र विंदू सबसे मूलभूत समस्या स्वास्थ्य पर हैै। मैं गरिबों के इलाज के बारें में कुछ मन की बात कहना चाहता हॅू […]
मन की बात -3 : गरीब सुरक्षा की गुहार किससे करें ? – शैलेश कुमार
एक गरीब की बेटी को इज्जत लूट लिया जाता है। वह थाने में आता है । दरोगा उसे फटकार कर भगा देता है। वह फिर […]
मन की बात-2 : सरस्वती धुल में लेटी :- शैलेश कुमार
इस सप्ताह काफी चिठठीयाॅं मिली है। इस चिठठी में पढ़ाई पर ज्यादा सवाल कियें गयें है। अगर गरीब छात्र / छात्राऐं मेधावी हो तो उसे […]
रक्षाबन्धन:- साहित्यिक और पौराणिक प्रासंगिकता :- शैलेश कुमार
रक्षाबन्धन एक हिन्दू त्यौहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी […]
