1990 हिंदी दैनिक आज (पटना, बिहार) में वरिष्ठ समीक्षक कुलदीप नैयर का एक वाक्य जो आज भी समीचीन है —कांग्रेस –की चुनावी नीति –दाढ़ी और […]
Category: संपादकीय
सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ—- डॉ नीलम महेंद्र
“चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँ गिदरां नुं मैं शेर बनावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ” सिखों के दसवें गुरु श्री […]
आज राम रहित रावण सुरक्षित है—- डाँ नीलम महेंद्र
आज से पांच साल पहले 16 दिसंबर 2012 को जब राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दिल दहला देने वाला निर्भया काण्ड हुआ था तो पूरा […]
पी टी टीचर —आखिर क्यों हम अपने बच्चों को नहीं बचा पा रहे—- डाँ नीलम महेंद्र
1 दिसंबर 2017,कोलकाता के जीडी बिरला सेन्टर फाँर एजुकेशन में एक चार साल की बच्ची के साथ उसी के स्कूल के पी टी टीचर द्वारा […]
हदिया जैसी लडकियां जिहाद का शिकार –डॉ नीलम महेंद्र
परिवर्तन तो संसार का नियम है। व्यक्ति और समाज के विचारों में परिवर्तन समय और काल के साथ होता रहता है लेकिन जब व्यक्ति से […]
य़ू० पी० ए० लोक में आपको नमस्कार –शैलेश कुमार
क्या आपने ऐसी लेख पढ़ी है ?? य़ू० पी० ए० लोक में—-मन मोहनाचार्य निवास करते है. जिन्होंने सारी उम्र कड़ी तपस्या करके गद्दी की विद्या […]
चौहान का चित्रकूट भाजपा के लिये संदेश—–डाँ नीलम महेंद्र
क्या बीजेपी मप्र में ऐसे जाएगी 300 पार मध्य प्रदेश के चित्रकूट उपचुनाव में भाजपा ने जिस प्रकार अपनी हार को स्वीकार किया है उससे […]
13वीं और 14वीं शदी– मेवाड की रानी पद्मावती –शैलेश कुमार
पद्मिनी ने अपना जीवन अपने पिता गंधर्वसेन और माता चम्पावती के साथ सिंहाला में व्यतीत किया । पद्मिनी के पास एक बोलने वाला तोता “हीरामणि” […]
राजपूतों का इतिहास ——- मनीश सिंहा
पटना -(बिहार)———- ——-जिस मगध के राजा ने युनानी राजा सेल्युक्स और उसके सैनिकों को पिटते हुए सिंध तक ले गया और सेल्युकस को हार के […]
आखिर क्यों इतना बेबस हूँ ? —— डाँ नीलम महेंद्र
मैं वो भारत हूँ जो समूचे विश्व के सामने अपने गौरवशाली अतीत पर इठलाता हूँ। गर्व करता हूँ अपनी सभ्यता और अपनी संस्कृति पर जो […]
