कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल 2024 : शॉर्टलिस्ट शीर्षकों की घोषणा

नई दिल्ली: कलिंगा लिटरेरी फेस्टिवल ने अपने प्रतिष्ठित वार्षिक केएलएफ बुक अवार्ड्स के लिए अंग्रेजी में शॉर्टलिस्ट किए गए शीर्षकों की घोषणा की, जो विभिन्न […]

प्रगतिशील आंदोलन की ताक़त मज़दूरों और मेहनतकशों के संघर्ष में छिपी थी – कॉ. सुबोध मोरे     

 मुंबई (रागनी कांबले)। मुंबई विश्वविद्यालय में एक महत्त्वपूर्ण वैचारिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा का विषय ‘प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन और मुंबई’ था। जनवादी लेखक […]

मेरे आराध्य राम पुस्तक का लोकार्पण समारोह यत्र तत्र सर्वत्र मेरे आराध्य राम

 नई दिल्ली: इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (ICC ANNEX) बेसमेंट लेक्चर हाल में मेरे आराध्य राम पुस्तक का लोकार्पण किया गया। जिसमें विशिष्ट अतिथि श्री सुरेन्द्र शर्मा (हास्य कवि) और कार्यक्रम की अध्यक्षता […]

13 जनवरी शनिवार को ‘प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन और मुंबई’ विषय पर एक वैचारिक गोष्ठी का आयोजन

‘प्रगतिशील सांस्कृतिक आंदोलन और मुंबई’ (सन्दर्भ : पुस्तक ‘रूदाद-ए-अंजुमन’) मुंबई। ‘जनवादी लेखक संघ’ की महाराष्ट्र यूनिट और ‘शोधावरी’ संयुक्त रूप से आगामी 13 जनवरी शनिवार […]

सर्दियों में अंकित को गिरने का आदी मत होने दीजिये : दीपमाला पाण्डेय

लखनऊ (निशांत सक्सेना)         दो दिन पहले की  बात है। कुछ बच्चों से पता चला कि आठ साल का अंकित स्कूल आते समय […]

आंवला नवमी : घर में सुख समृद्धि लाए आंवला नवमी की उपासना: सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”

इस पर्व का प्रारंभ कार्तिक माह से होता है। यह पूरे एक माह अर्थात पांच सप्ताहों तक चलता रहता है। हर गुरुवार को इसकी पूजा […]

मूल्यों के क्षरण का महाआख्यान है दयानंद पांडेय विरचित उपन्यास बांसगांव की मुनमुन : सुधाकर अदीब 

दयानंद पांडेय का लेखन व्यापक वैविध्यपूर्ण एवं विरल है। वह जब लिखते हैं तो दिल खोल कर लिखते हैं, प्रभूत परिमाण में लिखते हैं। अपने विचारों […]

24 अक्टूबर पोलियो उन्मूलन दिवस: सजग रहें सतर्क रहें ..फिर पोलियो अपने पैर न पसार पाए – सुरेश सिंह बैस शाश्वत

सरकार के वृहद अभियानों एवं वैज्ञानिकों के अथक प्रयासों का ही परिणाम कि पोलियो जैसा रोग आज चिकित्सकों के नियंत्रण में है। जबकि तीसरे और […]

पुस्तक समीक्षा : राजेन्द्र पटोरिया की 51 श्रेष्ठ व्यंग्य रचनाएं: हर व्यंग्य कुछ कहता है

पुस्तक समीक्षा कुछ कुछ अजीब-सा लग रहा होगा आपको। कवि यहाँ से लेकर वहाँ तक पहुँच जाते हैं। जहाँ तक लोगों की सोच ही नहीं […]

24 अक्टूबर विजया दशमी : राम और रावण का युद्ध आज भी लड़ा जा रहा है- सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”

हर युग में भगवान ने अवतार लेकर पृथ्वी से पाप और पापियों का संहार किया है! त्रेता युग में भी ईश्वर ने राम के रूप […]