राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग
नई दिल्ली: ———– एनएचआरसी, भारत ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्कूल की छत के पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में आने से 12 वर्षीय छात्र की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया
कथित तौर पर, मध्याह्न भोजन के लिए शिक्षकों द्वारा छात्र को रसोईघर की छत पर चढ़कर लौकी तोड़ने के लिए कहे जाने की बात आई सामने
आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बलिया के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी), भारत ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में 12 वर्षीय छात्र की बिजली का करंट लगने से हुई मौत से संबंधित मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2 नवंबर, 2026 को कक्षा चार में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र स्कूल की इमारत की छत के पास से गुजर रही 11 केवी की बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। बताया गया है कि मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) के लिए शिक्षकों ने छात्र को रसोईघर की छत पर चढ़कर लौकी तोड़ने के लिए कहा था।
आयोग ने कहा है कि यदि समाचार रिपोर्ट में दी गई जानकारी सही है, तो यह मानव अधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है। इसलिए आयोग ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बलिया के जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर मामले में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
3 नवंबर, 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में स्कूल के दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है तथा शिक्षा मित्र की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है।
