भोजपुरी पेंटिंग को पहचान दिलाती वंदना : सौम्या ज्योत्सना

मुजफ्फरपुर, बिहार—————–बिहार में कला और संस्कृति के नाम मधुबनी पेंटिंग और भाषा के रूप में भोजपुरी विश्व पटल पर अपनी पहचान रखता है. आमतौर पर […]

बिहार: माहवारी में स्कूल छूटने का दर्द : प्रियंका साहू (मुजफ्फरपुर)

मुजफ्फरपुर, बिहार  ———- बिहार के सरकारी स्कूलों में साफ-सफाई, स्वच्छता, शौचालय, हाथ धुलाई केंद्र, रखरखाव आदि के मद में हर साल करोड़ों रुपए खर्च किये […]

कंप्यूटर की पहुंच से दूर ग्रामीण किशोरियां : जानकी दोसाद

सैलानी, गरुड़ — बागेश्वर, उत्तराखंड ———- वर्तमान दौर तकनीक का दौर कहलाता है. जिसमें कंप्यूटर की सबसे बड़ी भूमिका है. बिना कंप्यूटर के आधुनिक दुनिया […]

21वीं सदी में पर्वतीय महिलाओं की व्यथा : नरेन्द्र सिंह बिष्ट

हल्द्वानी, उत्तराखंड ———-   दुनिया भर में महिलाओं की स्थिति को मजबूत करने और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में समान अधिकार व सम्मान दिलाने के […]

सुरक्षित मातृत्व से शिशु मृत्यु दर में कमी संभव है: भारती डोगरा

जम्मू ———– महिलाएं किसी भी समाज की मजबूत स्तंभ होती हैं. जब हम महिलाओं और बच्चों की समग्र देखभाल करेंगे तभी देश का विकास संभव […]

अरुणाचल प्रदेश-> 11 जिलों में स्थित ये 17 परियोजनाएं 123 सीमावर्ती गांवों को कवर करेंगी, जिससे 10,185 लोग लाभान्वित

अरुणाचल प्रदेश सरकार ने खराब कनेक्टिविटी और पहाड़ी इलाकों की चुनौतियों का सामना कर रहे दूरदराज के गांवों के विद्युतीकरण के लिए चीन के साथ […]

नेटवर्क के बिना विकसित भारत की कल्पना नहीं : कुमारी रितिका  

चोरसौ, गरुड़,  बागेश्वर, उत्तराखंड ———–आजादी के बाद से देश में संचार ने नई क्रांति ला दी है, वहीं देश के कई गांवों ऐसे है जहां […]

कितना मुमकिन है सभी के लिए स्वस्थ परिवेश उपलब्ध कराना ? : हरीश कुमार

पुंछ, जम्मू ————-कहते हैं कि स्वास्थ्य ही जीवन है. वास्तव में प्रथम सुख ही निरोगी काया को कहा गया है. किंतु आज की व्यस्त एवं […]

शारीरिक रूप से अक्षम को शैक्षिक रूप से सक्षम बनाना ज़रूरी है : रेहाना कौसर

पुंछ, जम्मू ————-हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग हैं जो किसी न किसी प्रकार से दिव्यांग हैं. केंद्र की सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय […]

कौन सुनेगा श्रमिक महिलाओं का दर्द ? वंदना कुमारी

मुजफ्फरपुर, बिहार——–  भारत की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड खेती-किसानी और मजदूरी है. यदि खेती नहीं हो, तो आदमी खाएगा क्या? आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2021-22 के मुताबिक […]