तीन फ़रवरी को मैं पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 3 पर बैठा था। कुछ देर में एक बुर्काधारी परिवार करीब के बेच […]
Category: संपादकीय
बात मुद्दों की :-जाति विशेष बहुतायत क्यों ?–शैलेश कुमार
गृहमंत्रालय संज्ञान लेकर रक्षामंत्रालय को नियंत्रित करें , हरियाणा , पंजाब, राजस्थान में जाट, सिख,राजपूत ,उत्तरप्रदेश और बिहार में ब्राह्मण और राजपूत की मौत ही […]
तीन तलाक: फैसला संविधान पीठ करेगी :- बरुण कुमार सिंह
हमारे समाज में एक सोच बहुत ज्यादा प्रभावशाली है और वो है बिना सोचे-समझे किसी प्रथा को जन्म दे देना। संपूर्ण ज्ञान ना होते हुए […]
*****माॅ का देहावसान :: तथ्य से बेखर****-शैलेश कुमार
माॅ के देहावसान से ठीक एक सप्ताह पहले हमारे सर के सामने एक सफेद साडी में एक बुढिया आती है और लुढक जाती हैं तथा […]
20 देशों के तुलना में भारत के जनताओं का देश निर्माण में योगदान
– काला धन क्या है और कहाँ है : क्या कभी किसी ने इस पर गौर किया है। – किसी खरीददार के पास 20 रुपया […]
उत्तरप्रदेश के चुनाव में परिणाम का स्वयं निर्णय करें –शैलेश कुमार
प्रतिशत ( % )में मुस्लिम जनसंख्या : 2012 के आंकड़ा इस प्रकार है 5 वर्षों में प्रतिशत तो बढ़ा ही है। 2007 के चुनाव में […]
मौत की अनसुलझी पहेली “नेताजी सुभाष चन्द्र बोस” –डा० नीलम महेंद्रा
अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। जिस स्वतंत्रता को अहिंसा से […]
मानव श्रृंखला —सरकार है या घनचक्कर –शैलेश कुमार
बिहार में मानव श्रृंखला शराब बंदी का नाटक——–एक तरफ वाइन किंग तैयार दूसरे तरफ मानव श्रृंखला, समझ नहीं आ रहा है कि यह सरकार है […]
सबको सम्मति दे भगवान —डॉ नीलम महेंद्र
गाँधी जी की जगह मोदी की तस्वीर। कांग्रेस ने अपने शासन काल 1996,2002,2005,2011,2012,2013 तक गाँधी जी को खादी ग्राम उद्योग के कैलेंडर से 6 बाहर […]
मुख्यमंत्री साहब ,जनता दरबार बंद करने का औचित्य !!
मुख्यमंत्री बिहार- आपने किस आधार पर जनता दरबार बंद किया । एक अच्छे शासक के लिए सीधें सपंर्क विष भी है तो अमृत भी। विष […]
