(अशोक कुमार धनबाद , झारखंड ,से नवसंचार फेसबूक पर वार्तालाप ) जनता में भ्रम है की जब मोदी सरकार को पूर्ण बहुमत है तो आमूलचूल […]
Category: संपादकीय
35-A जैसे दमनकारी कानूनों का बोझ देश क्यों उठाए–डा० नीलम महेंद्र-
डा० नीलम महेंद्र————- भारत का हर नागरिक गर्व से कहता कि कश्मीर हमारा है लेकिन फिर ऐसी क्या बात है कि आज तक हम कश्मीर […]
काश ! रेल बजट तकनीक पर केन्द्रित होता——-डॉ नीलम महेंद्र
बेहतर होता कि हमारी सरकारें देश के नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझतीं और सरकारी खजाने का प्रयोग दुर्घटना होने के बाद दिए जाने […]
दिल्ली में एक रात फैक्ट्री के नाम :–लक्ष्य 350 से अधिक का !!!—शैलेश कुमार
मुझे एक उद्योगपति से काम था , शाम होने पर ,मैंने उनसे कहा की जाने की देरी हो रही है, उन्होंने कहा- कोई बात नहीं, […]
सर खपाने से बेहतर है कुछ अच्छे सोचें–शैलेश कुमार
शुभ प्रभात : व्यक्ति कोई भी हो, अगर उससे किसी भी तरह कि उर्जा नही मिलती हो तो उसके बारे मे सोचें ही नही,व्यर्थवाद से […]
दंगा के लिये मुस्लिम धर्मग्रन्थ दोषी है—शैलेश कुमार
आज का शुभ प्रभात — दंगों के नाम—————— दूसरे धर्म के प्रति आग उगलने में मुस्लिमो का कोई दोष नहीं है, दोषी है उसका धर्मग्रन्थ […]
——-दुश्मन चीनी सामान का बहिष्कार ——–शैलेश कुमार
शुभ प्रभात :— हम एक -एक व्यक्ति यह शपथ लें की चीनी सामान नहीं खरीदेंगे तो स्वत्:चीनी व्यापारी बोरिया -बिस्तर समेट लेंगे। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर […]
मेरी अर्थी तुमने सजाई , कल तुम्हारी भी सजेगी—शैलेश कुमार
शुभप्रभात – -एक ठूंठ पेड़ ने कहा –आज मेरी हालत तुमने बनाई , कल तुम्हारी भी बनेगी। कुल्हाड़ी तुमने चलाई, दर्द तुम्हें होगा , मेरी […]
पर्यावरण रक्षा सर्वोपरि–आशुतोष कुमार
इन दिनों पूरा विश्व जिन अनेक संकटों से जूझ रहा है, उनमें पर्यावरण का संकट भी बहुत महत्वपूर्ण है। यों तो पर्यावरण संरक्षण की बात […]
ई-पत्र जो उत्तरप्रदेश की दिशा और दशा बदल दे-शैलेश कुमार
शुभ प्रभात –पत्र उत्तरप्रदेश के नाम जब भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चुनाव संचालन प्रशांत कुमार को सौंपने कि बातें की, मैंने ई -पत्र से तगड़ा […]
