बुराडी घटना —- एहसास या आभास– शैलेश कुमार

एहसास या आभास जब आशा की सभी किरणें बंद हो जाती है। सांसारिक उत्पात और आंतरिक विक्षुब्धता आशाहीनों के लिए बाबा और धार्मिक मठ अंतिम […]

अमरनाथ गुफा — एक सच

अविनाश कर्ण————— पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस झूठ को नकारिए […]

तलहथी पर बैठायें रखें वर्णा कुचल दें — शैलेश कुमार

पूर्ण शराब बंदी के लिए नीतीश कुमार इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। इतिहास वही बनाता है जो सकारात्मक सोच के अर्ध विक्षिप्त हों। उनमें […]

देश बदलना है तो देना होगा युवाओं को सम्मान—डॉ नीलम महेंद्र

भारत एक युवा देश है। इतना ही नहीं , बल्कि युवाओं के मामले में हम विश्व में सबसे समृद्ध देश हैं। यानि दुनिया के किसी […]