सिर्फ “आम आदमी पार्टी ” ही संविधान के दायरे में क्यों –शैलेश कुमार

छत्तीसगढ़ बीजेपी सरकार 90 सीटों वाली छत्तीसगढ़ विधानसभा में बीजेपी के 49 विधायक हैं, 11 संसदीय सचिव के पद पर अभी भी काम कर रहे […]

फैक्ट्री में अग्नि काण्ड क्यों ?–शैलेश कुमार

क्योंकि —जब तक लेबर डिपार्टमेंट को उद्योगपति द्वारा तोहफा भेंट करने की प्रथा जारी रहेगा फैक्टरियों में आग लगती रहेगी। सरकारी महकमा के लिए उद्योगपति […]

राजस्थान–2018 — एक विहंगम दृष्टि— शैलेश कुमार

2017 :– वर्तमान में राजस्थान की आबादी — 75,984,317, सातवां घनी आबादी वाला राज्य। जनसंख्या प्रतिशत लगभग:—– हिंदू .. 90% ,मुस्लिम – 8 %, अनुसूचित […]

आशा की किरण मात्र यही प्रैक्टिशनर —- शैलेश कुमार

आवास , शिक्षा, चिकित्सा ,सुरक्षा ,पलायन और शराब ये किसी भी समाज की मौलिक समस्याएं है. आज तक इन पांच समस्याओं पर सभी सरकारें सफलता […]

क्या यह प्रधानमंत्री पद की गरिमा का अपमान नहीं है—- डाँ नीलम महेंद्र

वर्तमान में चल रहे संसद के शीतकालीन सत्र में भारतीय लोकतंत्र की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा माफी की मांग […]

सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ—- डॉ नीलम महेंद्र

“चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँ गिदरां नुं मैं शेर बनावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ” सिखों के दसवें गुरु श्री […]

पी टी टीचर —आखिर क्यों हम अपने बच्चों को नहीं बचा पा रहे—- डाँ नीलम महेंद्र

1 दिसंबर 2017,कोलकाता के जीडी बिरला सेन्टर फाँर एजुकेशन में एक चार साल की बच्ची के साथ उसी के स्कूल के पी टी टीचर द्वारा […]

हदिया जैसी लडकियां जिहाद का शिकार –डॉ नीलम महेंद्र

परिवर्तन तो संसार का नियम है। व्यक्ति और समाज के विचारों में परिवर्तन समय और काल के साथ होता रहता है लेकिन जब व्यक्ति से […]