यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की उच्चतम न्यायालय ने 9 जुलाई 2018 के अपने ताजा फैसले में […]
Category: संपादकीय
बुराडी घटना —- एहसास या आभास– शैलेश कुमार
एहसास या आभास जब आशा की सभी किरणें बंद हो जाती है। सांसारिक उत्पात और आंतरिक विक्षुब्धता आशाहीनों के लिए बाबा और धार्मिक मठ अंतिम […]
बाबा आया सिंह कालेज : न ही फीस न कोई टीचर लेकिन बच्चे टॉपर
पंजाब का एक ऐसा महिला कॉलेज, जहां न ही फीस लगती है और न ही है कोई टीचर और यहाँ के बच्चे हैं टॉपर। भूमण्डलीकरण, […]
धरती पुत्रों को बंपर सौगात — सुरेश हिन्दुस्थानी
भारत कृषि प्रधान देश है, इसका आशय यह भी है कि भारत में कृषि के विकास के लिए जितने सकारात्मक प्रयास होंगे, भारत उतनी ही […]
अमरनाथ गुफा — एक सच
अविनाश कर्ण————— पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस झूठ को नकारिए […]
अगर, कुत्ते की दुम हिलाने वाला प्रधानमंत्री !! — शैलेश कुमार
क्या चार- वर्ष के दरम्यान में ही ये घटनाएं हुई है ?? जितने भी बदमाश और गुंडे है सभी पार्टी पोषित है यह गुंडे — […]
जीवन जीने की कला है योग———- डॉ नीलम महेन्द्र
“योग स्वयं की स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुँचने की यात्रा है, गीता ” योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले […]
ये कौन सा जीएसटी है ?— शैलेश कुमार
मोदी को हटाने वाले ये बताएं की ये कौन सा जीएसटी है ? आज जो व्यक्ति यह कहते फिर रहे है की मोदी को हटाओं […]
तलहथी पर बैठायें रखें वर्णा कुचल दें — शैलेश कुमार
पूर्ण शराब बंदी के लिए नीतीश कुमार इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। इतिहास वही बनाता है जो सकारात्मक सोच के अर्ध विक्षिप्त हों। उनमें […]
देश बदलना है तो देना होगा युवाओं को सम्मान—डॉ नीलम महेंद्र
भारत एक युवा देश है। इतना ही नहीं , बल्कि युवाओं के मामले में हम विश्व में सबसे समृद्ध देश हैं। यानि दुनिया के किसी […]
