तलहथी पर बैठायें रखें वर्णा कुचल दें — शैलेश कुमार

पूर्ण शराब बंदी के लिए नीतीश कुमार इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। इतिहास वही बनाता है जो सकारात्मक सोच के अर्ध विक्षिप्त हों। उनमें […]

देश बदलना है तो देना होगा युवाओं को सम्मान—डॉ नीलम महेंद्र

भारत एक युवा देश है। इतना ही नहीं , बल्कि युवाओं के मामले में हम विश्व में सबसे समृद्ध देश हैं। यानि दुनिया के किसी […]

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र के प्रति क्या देन है ?–शैलेश कुमार

पण्डित दीनदयाल उपाध्याय (जन्म: 25 सितम्बर 1916 –11 फ़रवरी 1968) महान चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की […]

श्रद्धांजलि——- राजा राम मोहन रॉय- आधुनिक भारत के युग प्रवर्तक

राजा राममोहन राय (बांग्ला) (22 मई 1772 – 27 सितंबर 1833) को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक । 1803-1814 तक ईस्ट […]

कांग्रेस की काली करतूतः जहां अपनी सत्ता नही वहां राष्ट्रपति शासन — शैलेश कुमार

1>.आंध्र प्रदेश 15 नवंबर 1954, 18 जनवरी 1974,28 फरंवरी 2014 2>.अरूणाचल प्रदेश 3 नवंबर 1979, 25 जनवरी 2016 3>.आसाम 12 दिसंबर 1979, 30 जून 1981, […]

संस्कारों की खान है मां की ममता — सुरेश हिन्दुस्थानी

मां एक ऐसा शब्द है, जिसमें समुद्र जैसी गहराई है, अपनापन है। मां का नाम उच्चारण करने मात्र से बुरे से बुरे व्यक्ति का मन […]