नोटा दबाने वाले उसी तरह नासमझ है जैसे दलित और मुस्लिम

नोटा दबाने वाले उसी तरह नासमझ है जैसे दलित और मुस्लिम। ***************************************** बारिकी से गौर करें। भाजपा कमजोर क्यों ? — मतदाताओं को इस नाजुक […]

देश विरोधी विचार रखने वालों के समर्थन में यह कौन लोग है ?—डॉ नीलम महेंद्र

देश विरोधी विचार रखने वालों के समर्थन में यह कौन लोग है? भारत शुरू से ही एक उदार प्रकृति का देश रहा है, सहनशीलता इसकी […]

आश्रय स्थल में ही आसरा नहीं तो फिर आसरा कहाँ साहेब— डाँ नीलम महेंद्र

आश्रय स्थल में ही आसरा नहीं तो फिर आसरा कहाँ साहेब ये कैसी तरक्की है यह कैसा विकास है जहाँ इंसानियत हो रही हर घड़ी […]

नीरज दीवाने-आम हैं— गिरिराजशरण अग्रवाल

वैश्विक हिंदी सम्मेलन ————नीरज हिदी-कविता के सर्वाधिक विवादास्पद कवि रहे हैं। कोई उन्हें निराश मृत्युवादी कहता है तो कोई उनको अश्वघोष का नवीन संस्करण मानने […]

श्रद्धांजलि–सिनेमाघर की दुकान से लेकर -मेरा नाम जोकर तक का सफर — पद्म श्री , पद्म भूषण- गोपल दास नीरज

गोपालदास नीरज (जन्म: 4 जनवरी 1925)(मृत्यु:19 जुलाई 2018), हिन्दी साहित्यकार, शिक्षक, एवं कवि सम्मेलनों के मंचों पर काव्य वाचक एवं फ़िल्मों के गीत लेखक हैं। […]

विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश—- डाँ नीलम महेंद्र

वैसे तो शशि थरूर और विवादों का नाता कोई नया नहीं है। अपने आचरण और बयानों से वे विवादों को लगातार आमन्त्रित करते आएँ हैं। […]

बुराडी घटना —- एहसास या आभास– शैलेश कुमार

एहसास या आभास जब आशा की सभी किरणें बंद हो जाती है। सांसारिक उत्पात और आंतरिक विक्षुब्धता आशाहीनों के लिए बाबा और धार्मिक मठ अंतिम […]