क्या चार- वर्ष के दरम्यान में ही ये घटनाएं हुई है ?? जितने भी बदमाश और गुंडे है सभी पार्टी पोषित है यह गुंडे — […]
Category: संपादकीय
जीवन जीने की कला है योग———- डॉ नीलम महेन्द्र
“योग स्वयं की स्वयं के माध्यम से स्वयं तक पहुँचने की यात्रा है, गीता ” योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले […]
ये कौन सा जीएसटी है ?— शैलेश कुमार
मोदी को हटाने वाले ये बताएं की ये कौन सा जीएसटी है ? आज जो व्यक्ति यह कहते फिर रहे है की मोदी को हटाओं […]
तलहथी पर बैठायें रखें वर्णा कुचल दें — शैलेश कुमार
पूर्ण शराब बंदी के लिए नीतीश कुमार इतिहास में दर्ज हो चुके हैं। इतिहास वही बनाता है जो सकारात्मक सोच के अर्ध विक्षिप्त हों। उनमें […]
देश बदलना है तो देना होगा युवाओं को सम्मान—डॉ नीलम महेंद्र
भारत एक युवा देश है। इतना ही नहीं , बल्कि युवाओं के मामले में हम विश्व में सबसे समृद्ध देश हैं। यानि दुनिया के किसी […]
पण्डित दीनदयाल उपाध्याय का राष्ट्र के प्रति क्या देन है ?–शैलेश कुमार
पण्डित दीनदयाल उपाध्याय (जन्म: 25 सितम्बर 1916 –11 फ़रवरी 1968) महान चिन्तक और संगठनकर्ता थे। वे भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने भारत की […]
श्रद्धांजलि——- राजा राम मोहन रॉय- आधुनिक भारत के युग प्रवर्तक
राजा राममोहन राय (बांग्ला) (22 मई 1772 – 27 सितंबर 1833) को भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक । 1803-1814 तक ईस्ट […]
कांग्रेस की काली करतूतः जहां अपनी सत्ता नही वहां राष्ट्रपति शासन — शैलेश कुमार
1>.आंध्र प्रदेश 15 नवंबर 1954, 18 जनवरी 1974,28 फरंवरी 2014 2>.अरूणाचल प्रदेश 3 नवंबर 1979, 25 जनवरी 2016 3>.आसाम 12 दिसंबर 1979, 30 जून 1981, […]
संस्कारों की खान है मां की ममता — सुरेश हिन्दुस्थानी
मां एक ऐसा शब्द है, जिसमें समुद्र जैसी गहराई है, अपनापन है। मां का नाम उच्चारण करने मात्र से बुरे से बुरे व्यक्ति का मन […]
आधारभूत दलीलें– शैलेश कुमार
जब मैं बीए (इतिहास ) में था। कालेज कम्पस में एक स्नातकोत्तर के छात्र से भारत की विदेश नीति पर वहस चली — मैंने कहा […]
