आज राजनीति केवल राज करने अथवा सत्ता हासिल करने मात्र की नीति बन कर रह गई है उसका राज्य या फिर उसके नागरिकों के उत्थान […]
Category: संपादकीय
नीरज दीवाने-आम हैं— गिरिराजशरण अग्रवाल
वैश्विक हिंदी सम्मेलन ————नीरज हिदी-कविता के सर्वाधिक विवादास्पद कवि रहे हैं। कोई उन्हें निराश मृत्युवादी कहता है तो कोई उनको अश्वघोष का नवीन संस्करण मानने […]
श्रद्धांजलि–सिनेमाघर की दुकान से लेकर -मेरा नाम जोकर तक का सफर — पद्म श्री , पद्म भूषण- गोपल दास नीरज
गोपालदास नीरज (जन्म: 4 जनवरी 1925)(मृत्यु:19 जुलाई 2018), हिन्दी साहित्यकार, शिक्षक, एवं कवि सम्मेलनों के मंचों पर काव्य वाचक एवं फ़िल्मों के गीत लेखक हैं। […]
कभी के मालभोगी अब कर्मयोगी हैं– शैलेश कुमार
विच्छेदन और विभाजन का जनक : — कांग्रेस कांग्रेसियों ने जातीयता कि मीठी जहर फैलाई : हिन्दू – मुस्लिम में दरार पैदा करने के लिए […]
विवादित बयान इत्तेफाक या साज़िश—- डाँ नीलम महेंद्र
वैसे तो शशि थरूर और विवादों का नाता कोई नया नहीं है। अपने आचरण और बयानों से वे विवादों को लगातार आमन्त्रित करते आएँ हैं। […]
यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की —डॉ नीलम महेंद्र
यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की यह लड़ाई है अच्छाई और बुराई की उच्चतम न्यायालय ने 9 जुलाई 2018 के अपने ताजा फैसले में […]
बुराडी घटना —- एहसास या आभास– शैलेश कुमार
एहसास या आभास जब आशा की सभी किरणें बंद हो जाती है। सांसारिक उत्पात और आंतरिक विक्षुब्धता आशाहीनों के लिए बाबा और धार्मिक मठ अंतिम […]
बाबा आया सिंह कालेज : न ही फीस न कोई टीचर लेकिन बच्चे टॉपर
पंजाब का एक ऐसा महिला कॉलेज, जहां न ही फीस लगती है और न ही है कोई टीचर और यहाँ के बच्चे हैं टॉपर। भूमण्डलीकरण, […]
धरती पुत्रों को बंपर सौगात — सुरेश हिन्दुस्थानी
भारत कृषि प्रधान देश है, इसका आशय यह भी है कि भारत में कृषि के विकास के लिए जितने सकारात्मक प्रयास होंगे, भारत उतनी ही […]
अमरनाथ गुफा — एक सच
अविनाश कर्ण————— पैगंबर मोहम्मद का जब जन्म भी नहीं हुआ था, तब से अमरनाथ गुफा में हो रही है पूजा-अर्चना! इसलिए इस झूठ को नकारिए […]
