आजकल हमारी न्यायपालिका को कार्यपालिका का काम करना पड़ रहा है। सरकार के कई महत्वपूर्ण फैसलों का अंतिम फैसला अदालतें कर रही हैं। ऐसा ही […]
Category: संपादकीय
हम सबका खून एक ही — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
बिहार सरकार के एक मंत्री जमा खान ने अपनी आठ सौ साल की विरासत को याद किया और अपनी खुद की मिसाल पेश करके कहा […]
क्या-क्या करे नया मंत्रिमंडल ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
स्वतंत्र भारत में इंदिराजी के ‘कामराज प्लान’ के बाद यह सबसे बड़ी साहसिक पहल प्र.मं. नरेंद्र मोदी ने की है। इन नए और युवा मंत्रियों […]
विदेश नीति किसके भरोसे ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
अफगानिस्तान से अमेरिकी फौजें जैसे सिर पर पाँव रखकर भागी हैं, क्या उससे भी भारत सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। बगराम सहित सात हवाई […]
कश्मीर फिर बने पूर्ण राज्य — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कश्मीर के गुपकार-गठबंधन ने अपना जो संयुक्त बयान जारी किया है, उसमें मुझे कोई बुराई नहीं दिखती। प्रधानमंत्री के साथ 24 जून को हुई बैठक […]
हिंदुआना हरकतः हिंदुआना आदत — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर ने भारत की जनता के बारे में एक बड़ा रोचक सर्वेक्षण उपस्थित किया है। उसने भारत के लगभग तीस हजार […]
डॉ. वेदप्रताप वैदिक— नरसिंहरावः कांग्रेस की कृतघ्नता
भारत के प्रधानमंत्री रहे पामुलपर्ती वेंकट नरसिंहरावजी का इस 28 जून को सौवां जन्मदिन था। नरसिंहरावजी जब से आंध्र छोड़कर दिल्ली आए, हर 28 जून […]
अफगान संकटः चिकनी-चुपड़ी बातें —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
(लेखक, भारतीय विदेश नीति परिषद के अध्यक्ष हैं) ***************** कल दो महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं। एक तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से अफगान राष्ट्रपति अशरफ गनी […]
कश्मीर पर सार्थक संवाद — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
जम्मू-कश्मीर के नेताओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद काफी सार्थक रहा। इसे हम एक अच्छी शुरुआत भी कह सकते हैं। 22 माह पहले जब […]
दुशांबे में वे यह मौका क्यों चूके ?— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में हुई शांघाई सहयोग संगठन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक काफी सार्थक रही। सबसे पहली बात तो यह अच्छी हुई […]
