अमेरिका-जैसे कुछ देशों में लोग मुखपट्टी लगाए बिना इस मस्ती में घूम रहे हैं, जैसे कि कोरोना की महामारी खत्म हो चुकी है। उन्होंने दो […]
Category: संपादकीय
हमारे गांवः भगवान भरोसे? 500 आदमियों के गांव में 400 आदमी बीमार— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे टीवी चैनल और अंग्रेजी अखबार शहरों की दुर्दशा तो हमें काफी मुस्तैदी से बता रहे हैं लेकिन देश के एक-दो प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के […]
कोरोना पर काबू संभव, लेकिन…. डॉ. वेदप्रताप वैदिक
यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन टीकों पर से पेटेंट का बंधन उठा लेता है तो 100-200 करोड़ टीकों का इंतजाम करना कठिन नहीं है। अमेरिकी, यूरोपीय, […]
अपराध और इंडियन पेनल कोड —- शैलेश कुमार
वर्तमान मेँ अपराध को दो श्रेणियों मे बांटा गया है: 1. परंपरागत और 2. तकनीकी अपराध हम परंपरागत अपराध से शुरू करते हैं :- हमारी […]
लोकतांत्रिक कम और जातितांत्रिक ज्यादा — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र में मराठा लोगों के आरक्षण को बढ़ानेवाले कानून को असंवैधानिक घोषित कर दिया है। महाराष्ट्र विधानसभा ने एक कानून सर्वसम्मति से […]
भारत का सिकुड़ता मध्यम वर्ग — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कोरोना की महामारी के दूसरे हमले का असर इंतना तेज है कि लाखों मजदूर अपने गांवों की तरफ दुबारा भागने को मजबूर हो रहे हैं। […]
कोरोना को मात करेगा भारत — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कोरोना के विरुद्ध भारत में अब एक परिपूर्ण युद्ध शुरु हो गया है। केंद्र और राज्य की सरकारें, वे चाहे किसी भी पार्टी की हों, […]
कोरोना की कूटनीति — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत में फैले कोरोना की प्रतिध्वनि सारी दुनिया में सुनाई पड़ रही है। अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक के देश चिंतित दिखाई पड़ रहे हैं। […]
स्त्री जाति के विरुद्ध सबसे जघन्य अपराध — शैलेश कुमार
मानवता और स्त्री जाति के विरुद्ध सबसे जघन्य अपराध है — कन्या भ्रूण हत्या बेटे की इच्छा परिवार नियोजन के छोटे परिवार की संकल्पना के […]
आपात्काल से भी बड़ा आफतकाल — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कोरोना महामारी ने इतना विकराल रुप धारण कर लिया है कि सर्वोच्च न्यायालय को वह काम करना पड़ गया है, जो किसी भी लोकतांत्रिक देश […]
