वेब मीडिया नवसंचार समाचार॰ कॉम की शक्ति आप सभी का हार्दिक धन्यवाद की आप सभी हमसे सम्बद्ध रहे है। स्नेहिल : शैलेश कुमार संचालक ग्राम […]
Category: संपादकीय
किसे राजद्रोह कहें और किसे नहीं ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
राजद्रोह से अधिक गंभीर अपराध क्या हो सकता है, खास तौर से जब किसी देश में किसी राजा का नहीं, जनता का शासन हो। लोकतंत्र […]
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर बधाई —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
(डाॅ. वैदिक ‘नवभारत टाइम्स’ और ‘पीटीआई-भाषा’ के संपादक रह चुके हैं) 30 मई को भारत में हिंदी पत्रकारिता दिवस मनाया जाता है। इसी दिन कोलकाता […]
सरकार और किसान बात करें — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
किसान आंदोलन को चलते-चलते आज छह महिने पूरे हो गए हैं। ऐसा लगता था कि शाहीन बाग आंदोलन की तरह यह भी कोरोना के रेले […]
अब सचिवालय जम्मू में ही —- शैलेश कुमार
गृहमंत्री अमित शाह 9 अभूतपूर्व फैसले लेने में लगे हुए थे, इस कोरोना लॉकडाउन के बीच — 1. पांच लाख हिन्दू और सिक्ख परिवार जम्मू […]
राजीव गांधी और वह रात — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
राजीव गांधी को गए, आज तीस साल हो रहे हैं। 21 मई 1991 की वह रात मुझे आज भी ज्यों की त्यों याद है। उन […]
पोस्टरबाजों की हास्यास्पद गिरफ्तारी — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
कोरोना महामारी के इस दौर में हमारी अदालतें, सरकार और पुलिस कई ऐसे काम कर रही हैं, जो उन्हें नहीं करने चाहिए और कई ऐसे […]
कोरोना का तीसरा हमला ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
अमेरिका-जैसे कुछ देशों में लोग मुखपट्टी लगाए बिना इस मस्ती में घूम रहे हैं, जैसे कि कोरोना की महामारी खत्म हो चुकी है। उन्होंने दो […]
हमारे गांवः भगवान भरोसे? 500 आदमियों के गांव में 400 आदमी बीमार— डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हमारे टीवी चैनल और अंग्रेजी अखबार शहरों की दुर्दशा तो हमें काफी मुस्तैदी से बता रहे हैं लेकिन देश के एक-दो प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के […]
कोरोना पर काबू संभव, लेकिन…. डॉ. वेदप्रताप वैदिक
यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन टीकों पर से पेटेंट का बंधन उठा लेता है तो 100-200 करोड़ टीकों का इंतजाम करना कठिन नहीं है। अमेरिकी, यूरोपीय, […]
