कारावास नहीं है क्वारंटाइन सेंटर —- फौजिया रहमान खान

गया—- कोरोना संक्रमण का खौफ लोगों पर इस कदर हावी है कि दूसरे राज्यों से आने वाले अपने सगे संबंधियों से भी लोगों ने दूरियां […]

आज भी महिलाओं के लिए एक आदर्श हैं रानी लक्ष्मीबाई——– डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)

आसान नहीं होता एक महिला होने के बावजूद पुरूष प्रधान समाज मेंविद्रोही बनकर अमर हो जाना। आसान नहीं होता एक महिला के लिए एक साम्राज्यके […]

महामारी के बीच उलझता जीवन —-सज्जाद हैदर— (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक) —-सज्जाद हैदर

कोरोना की मार आज के समय में अपने चरम पर पहुँच रही है। पूरा विश्व इस गंभीर समस्या से पीड़ित है। कोई भी देश ऐसा […]

सबकी जुबां पर बस एक ही बात ‘सु-शांत’ आखिर ऐसा क्यों किया ?– -मुरली मनोहर श्रीवास्तव

सुशांत तुम्हारे चले जाने की जैसे मनहूस खबर आयी, मुझे गुजरे कल की बातें याद आने लगी। तुमसे हुई चंद मुलाकातों की हंसती तस्वीरों में […]

प्रधानमंत्री चुप हैं ? — डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र

हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा हम सभी का एक गंभीर उत्तरदायित्व है। उसके प्रति जागरूक रहना और उसके संबंध में […]

आखिर क्यों केजरीवाल ने की भेदभाव की राजनीति ?–डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र

हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के संघीय ढांचे की एक बड़ी कमी तब उभरकर सामने आयी है, जब दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के […]

प्रत्येक सेवा / उत्पाद का रूप , आपके अनुरूप (कस्ट्माइज़्ड)

सुमित कुमार —- पर्यावरणीय जन-जागृति-षिविर, शैक्षणिक संगोष्ठी, प्रषिक्षण इत्यादि में मार्गदर्षक, हरित नवाचारी, रिसोर्स-पर्सन, अभिप्रेरक(मोटिवेटर), प्रषिक्षक(ट्रैनर) इत्यादि रूपों में मेरे प्रस्ताव व आपके उद्देष्यों की […]

विचित्र परिस्थिति में आम-जनमानस— सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज चिंतक)

देश बहुत ही विचित्र परिस्थिति से गुजर रहा है। मात्र कागजों पर छोटी लाईन के सामने लम्बी लाईन खींच देने से समस्या का निदान नहीं […]