‘नमो हमारा नायक है’ इस पर हमको अभिमान नहीं, सुन चीनी अब बासठ वाला मेरा हिंदुस्तान नहीं । अब परमाणु बमों वाली धमकी से ना […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
लगभग 100 साल पहले पृथ्वी पर 50% जंगल होते थे जो अब 10% से भी कम — रमेश गोयल
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक संकल्प करने का महत्वपूर्ण समय क्योंकि वर्तमान समय में चल रही वैश्विक महामारी […]
पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक संकल्प — रमेश गोयल
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है और पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक संकल्प करने का महत्वपूर्ण समय क्योंकि वर्तमान समय में चल रही वैश्विक महामारी […]
पर्यावरण संरक्षण में मिल का पत्थर साबित हो रहा है जल-जीवन-हरियाली अभियान – मुरली मनोहर श्रीवास्तव
( विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून पर विशेष)* पिछले कुछ दिनों से पूरे विश्व में कोविड-19 के रुप में आयी महामारी मानव जाति के लिए […]
मैथिल आंगन —आइंख में बटन छैलई
हे, गई चमेली, एकटा बात सुन ल ही या ? एकटा सरधूआ सबके झुंड मौगी सबके लूंगी द क कहल कै जे एही स काम […]
* मैथिल आंगन * —- राशन पर कटाक्ष
हे गई , चंपा, अतेक दिन स हम , हमर घरवाला, बेटा कोटा पर स राशन कार्ड स , अंगूठा छाप स राशन उठबैत आवि […]
कर्मयोग से प्रदेश का भविष्य बदलता एक योगी—– डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार है)
एक प्रदेश जो लचर कानून व्यवस्था अराजकता और भ्रष्टाचार के लिए जानाजाता था। ऐसा राज्य जहाँ बिजली कब आएगी इसी इंतजार में लोगों का दिन […]
अपनों ने नहीं स्वीकारा तो क्वारेंटाइन सेंटर बना सहारा –फौजिया रहमान खान
वैश्विक महामारी कोरोना ने जहां लोगों को बुरी तरह भयभीत कर दिया, वहीं लॉकडाउन भी परेशानी का बड़ा सबब बन कर सामने आया। इस संकटकाल […]
बंदूक और कोरोना के खौफ से कैसे होगी शिक्षा ?
जिम्मेदार संस्था ने कभी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। मंडी, पुंछ (ख्वाजा यूसुफ जमील) —- वैसे तो कोरोना वायरस के प्रकोप से पूरी दुनिया प्रभावित है, लेकिन सबसे […]
शाह-मोदी,सियासी जोड़ी—- सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीति विशेषज्ञ)
यह सत्य है कि जिस भी क्षेत्र में यदि कोई भी विश्वासी व्यक्ति जुड़ जाता है तो दोगुना ताकत बढ़ जाती है। यह अडिग सत्य […]
