पटना ——- एक तरफ कोरोना की दहशत दूसरी तरफ बिहार विधानसभा चुनाव। इन दोनों को लेकर सभी राजनीतिक दल संवेदनशील हैं। सुनकर चौंकिए मत, क्योंकि […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
शस्त्र के बिना शौय-प्रदर्शन कठिन है——डॉ. कृष्णगोपाल मिश्र
15 जून की रात को चीनी और भारतीय सैनिकों के मध्य हुई हिंसक झड़प के संदर्भ में 23 वर्षीय भारतीय सैनिक गुरुतेज सिंह की शौर्य-गाथा […]
क्या चीन के इशारे पर नया पाकिस्तान बनेगा नेपाल…?—- सज्जाद हैदर—( वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक)
एक बड़ा एवं अनसुलझा सा सवाल है। जिसे समझने की जरूरत है। इस सवाल को नजर अंदाज करने की कदापि जरूरत नहीं। आज का समय […]
सीमाओं की सुरक्षा हमारे पुरूषार्थ के परीक्षण की वेला है — डाॅ. कृष्णगोपाल मिश्र
चीन के विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर दावा किया है कि हमारी उत्तरी सीमा पर स्थित ‘गलवान घाटी’ उसकी है। भारतीय क्षेत्र अक्साई चीन […]
चीन की कमज़ोर नब्ज़ पर वार करने की जरूरत —– सज्जाद हैदर— (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक)
चीन को धूल चटाना यदि इतना आसान नहीं, तो नमुमकिन भी नहीं। भारत चीन को धूल आसानी के साथ चटा सकता है। भारत को चीन […]
बंजर रेगिस्तान का अमृत है पीलू — गणपत गर्ग
पोकरण, राजस्थान —– पश्चिमी रेगिस्तान की भूमि भले ही बंजर हो, लेकिन प्रकृति ने इस क्षेत्र को भी कुछ अनमोल सौगातें प्रदान की हैं। प्रचंड […]
आत्मनिर्भर होने के मायने तलाशने होंगे——- डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार हैं)
आजकल देश में सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर चीन को बॉयकॉट करने कीमुहिम चल रही है। इससे पहले कोविड 19 के परिणामस्वरूप जब देश […]
पिता प्रेम है, प्यार है — राहुल गढ़वाल
पिता प्रेम है, प्यार है… पिता प्रेम है, प्यार है, जीवन का आधार है। पिता वो वृक्ष है, जो छाया देता संतान को, खड़ा रहता […]
योग ,ध्यान से तनाव मुक्ति—योगिनी अलका सिंह
दिल्ली ——आज पूरा विश्व मानसिक तनाव को झेल रहा है, इससे मुक्ति का सरल समाधान सिर्फ एक ही है वह है ध्यान सभी को ज […]
गांव में होम क्वारंटाइन का मतलब —- राजेश निर्मल
(चरखा फीचर) —- जब भारत में करोना के मामले तेजी से बढ़ने लगे,तब होम क्वारंटाइन जैसा एक शब्द आंधी की तरह आया। जिसने न केवल […]
