जिंदगी एक सफर है, सफर करते करते एक दिन राहगीर भी थक जाता है मगर राहें कभी नहीं थकती। इस जहां में इंसानरुपी मुसाफिर आते […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
नीतीश का विश्वास, विरोधियों के लिए खड़ी कर रही है बड़ी चुनौती !—–मुरली मनोहर श्रीवास्तव
एक तरफ कोरोना की दहशत तो दूसरी तरफ बिहार विधानसभा चुनाव। इन दोनों को लेकर सभी राजनीतिक दल संवेदनशील हैं। सुनकर चौंकिए मत, क्योंकि सभी […]
अंधविश्वास के नाम पर महिला हिंसा का सच — अमरेन्द्र सुमन
दुमका, झारखंड———– ओझा-गुनी, झाड़-फूँक, जादू-टोना के अंधविश्वास में आकर झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के साथ शोषण-उत्पीड़न, सामुहिक बलात्कार, अत्याचार व उनकी हत्या का […]
लोकतंत्र तो अधिकार देता है पर उदारवादी नहीं —- डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार)
आज हम उस समाज में जी रहे हैं जिसे अपने दोहरे चरित्र का प्रदर्शन करने में महारत हासिल है। वो समाज जो एकतरफ अपने उदारवादी […]
भारतीय प्रतिभाओ को भारत में स्वीकारता मिले—डॉ नीलम महेंद्र (लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार )
किसी भी देश की शक्ति होते हैं उसके नागरिक और अगर वो युवा हों तो कहने ही क्या। भारत एक ऐसा ही युवा देश है। […]
जल से नहीं, श्रद्धा व विश्वास से करें भगवान शिव को प्रसन्न— रमेश गोयल
मशीनीकरण व आधुनिकीकरण से प्रदूषण व तापमान बढ़ रहा है जिससे जलवायू परिर्वतन हो रहा है । इसी कारण वर्षा अनियमित हो रही है। कम […]
12वीं के बाद मैनेजमेंट की पढ़ाई के लिए आईआईएम आईपीएम प्रोग्राम
देश की वर्तमान की स्थिति के कारण 12वीं के छात्र अपने करियर को लेकर काफी डरे हुए हैं। ऐसे में सभी विपरीत स्थितियों के बाद […]
कोरोना संकट में लौटे पहाड़ी युवाओं के लिये चुनौतियाँ — अरण्य रंजन
देहरादून, उत्तराखंड — कोरोना संकट के दौरान गांव की ओर लौटने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है। गाँवों में इन दिनों भरा-पूरा माहौल दिखाई दे […]
एक बवाल, कई सवाल…? — सज्जाद हैदर (वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्र चिंतक)
एक बहुत बड़ा सवाल है कि आखिर विकास का कैसे हुआ विकास…? सिर पर है किसका हाथ? किसके साए में यह अपराधी अब तक फला-फूला। […]
बैन लगाना ही है तो चीन के दूसरे सबसे बैंक ‘बैंक ऑफ चाइना’ पर लगाइए —
वन बेल्ट, वन रोड’ योजना के तहत आते हैं ओबीओआर ——अशोक श्रीवास्तव, मोतिहारी !…….कुछ फालतू एप्प पर बैन लगाने से क्या हासिल होगा ?. …… […]
