घटने वाली है वैश्विक कोयला मांग : IEA

लखनऊ( निशांत सक्सेना)———–एक हालिया रिपोर्ट में, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने 2026 तक वैश्विक कोयले की मांग में गिरावट की भविष्यवाणी की है। यह पहली […]

COP 28 : कुछ कदमों की प्रगति, लेकिन जरूरत बड़ी छलांग की

लखनऊ (निशांत सक्सेना)        दुबई में सम्पन्न हुई COP28 अब तक के अपने इतिहास की सबसे बड़ी जलवायु वार्ता के रूप में याद की जाएगी. इतना […]

COP 28 ने बढ़ाई क्लाइमेट फ़ाइनेंस की गाड़ी

लखनऊ (निशांत सक्सेना)    इस साल का संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन, COP28, क्लाइमेट फ़ाइनेंस पर एक महत्वपूर्ण फोकस के साथ संपन्न हुआ। साथ ही, […]

COP28 में ऐतिहासिक समझौता: हाँ, फ़ोस्सिल फ्यूल से दूरी बहुत ज़रूरी! 

लखनऊ (निशांत सक्सेना)       COP28 के अंतिम सत्र में, फ़ोस्सिल फ्यूल से दूर जाने पर ध्यान केंद्रित करने वाले एक विशेष सौदे के रूप में ग्लोबल […]

कोयले पर सख्ती, मगर तेल और गैस पर नरमी को लेकर COP 28 में हो सकता है तनाव

लखनऊ (निशांत सक्सेना)     दुनिया में कार्बन डाइऑक्साइड का 40 फीसद एमिशन कोयले के कारण होता है जबकि बाकी के लिए तेल और गैस जिम्मेदार […]

ग्रीन हाइड्रोजन जलवायु ही नहीं, जल संकट के लिहाज़ से भी सबसे बेहतर विकल्प  

 लखनऊ( निशांत सक्सेना)     हाइड्रोजन ब्रह्मांड में मिलने वाला सबसे सरल तत्व और सबसे प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला पदार्थ है। जब हाइड्रोजन जलती […]

खाड़ी देशों को जलवायु परिवर्तन से ख़ासा नुकसान

लखनऊ (निशांत सक्सेना)         जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक रणनीति बनाने के इरादे से फिलहाल दुबई में संयुक्त राष्ट्र की 28वीं […]

प्रोपेगेंडा के तहत कार्बन कैप्चर को बताया जा रहा जलवायु समस्या का रामबाण इलाज

लखनऊ (निशांत सक्सेना)  एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, क्लाइमेट एक्शन अगेंस्ट डिसइनफॉर्मेशन (सीएएडी) द्वारा किए गए एक व्यापक विश्लेषण ने जलवायु परिवर्तन समाधानों के बारे […]

कोयला ऊर्जा की फंडिंग से बच रहे हैं ऋणदाता, मिल रहा है रिन्यूबल को फ़ायदा  

लखनऊ (निशांत सक्सेना)      फोस्सिल फ्यूल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने के संबंध में दुबई में COP28 में चल रही चर्चाओं के बीच, सेंटर फॉर […]

जलवायु एवं पर्यावरण कार्यकर्ताओं के खिलाफ बढ़ रही है ऑनलाइन और ऑफलाइन नफ़रत

लखनऊ  (निशांत सक्सेना)         जहां एक ओर जलवायु से जुड़ी चिंताएँ बढ़ रही हैं और सरकारों की प्राथमिकता में यह विषय शामिल हो […]