दुनिया तबाही और बर्बादी की कगार पर

लखनऊ (निशांत सक्सेना)———- इन दिनों चल रहे COP28 के मौक़े पर जारी ग्लोबल टिपिंग पॉइंट्स रिपोर्ट – दुनिया की तबाही और बर्बादी की कगार पर पहुँचने […]

इस साल रिकॉर्ड स्‍तर पर था फॉसिल फ्यूल जनित कार्बन एमिशन 

लखनऊ (निशांत सक्सेना)     फॉसिल फ्यूल से वैश्विक स्तर पर होने वाले एमिशन में वर्ष 2023 में एक बार फिर उछाल आया है और अब […]

क्लाइमेट फ़ाइनेंस बना COP28 का केंद्रीय मुद्दा  

लखनऊ (निशांत सक्सेना)         जैसे ही दुबई में COP28 में फ़ाइनेंस डे का समापन हुआ, पूरी दुनिया का ध्यान क्लाइमेट फ़ाइनेंस के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्रित […]

रिन्यूबल एनेर्जी का रुख करने से, तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद, 3.5 ट्रिलियन डॉलर की हो सकती है बचत 

लखनऊ (निशांत सक्सेना)     एक प्रमुख वैश्विक अर्थशास्त्र कंसल्टेंसी, कैंब्रिज इकोनोमेट्रिक्स की एक हालिया रिपोर्ट, तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि की स्थिति में, रिन्यूबल एनेर्जी का […]

नेट ज़ीरो के लिए कार्बन कैप्चर और स्टोरेज पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता पड़ेगी महंगी

लखनऊ (निशांत सक्सेना)        ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के स्मिथ स्कूल ऑफ एंटरप्राइज एंड द एनवायरनमेंट की एक हालिया रिपोर्ट से पता चलता है कि […]

वैश्विक विशेषज्ञों ने टॉप 10 जलवायु विज्ञान अंतर्दृष्टियों का किया अनावरण

लखनऊ (निशांत सक्सेना)          एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, सामाजिक और प्राकृतिक विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने वार्षिक “जलवायु विज्ञान में 10 नई […]

अब अस्पताल भी बंद कराएगा जलवायु परिवर्तन

लखनऊ (निशांत सक्सेना)—-  अस्पतालों पर एक नया खतरा मंडरा रहा है। और यह खतरा लाई है बदलती जलवायु। जी हाँ, सही पढ़ा। चरम मौसम की घटनाएँ अस्पतालों […]

कृषि पर जलवायु संकट का गंभीर खतरा, फसल विविधीकरण और लचीली कृषि पद्धतियाँ अब बेहद प्रासंगिक

लखनऊ (निशांत सेक्सेना)     भारत के 40% कार्यबल को रोजगार देने वाला कृषि क्षेत्र जलवायु परिवर्तन से गंभीर खतरे में है। फसल पैदावार कम होने […]

COP 28 शुरू, क्या बन पाएगी लॉस एंड डैमेज फंड संचालन पर आम सहमति ?

लखनऊ  (निशांत सेक्सेना)   संयुक्त राष्ट्र की ताज़ा बैठक दुबई में आज से शुरू हो गयी है और इसकी सफल शुरुआत को ले कर तमाम कयास […]

अपने नेट-जीरो लक्ष्‍यों के लिये होगी भारत को 101 बिलियन डॉलर की जरूरत

लखनऊ  (निशांत सेक्सेना)      भारत वर्ष 2030 तक अपनी अक्षय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना से भी ज्यादा बढ़ाने की योजना पहले से ही […]