सभी औद्योगिक इकाइयों को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ‘संचालन सहमति’

चण्डीगढ़————–हरियाणा में सभी औद्योगिक इकाइयां, जिन्हें जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम,1974 के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से ‘संचालन सहमति’ प्राप्त करने की आवश्यकता होती है, के लिए पर्यावरण (संरक्षण) नियम,1986 के तहत निस्सार निकासी करने के निर्धारित मानकों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय नेे ‘पर्यावरण सुरक्षा समिति और अन्य बनाम भारतीय संघ एवं अन्य’ शीर्षक के तहत याचिका (सिविल) संख्या 2012 की 375 में 22 फ रवरी, 2017 को जारी अपने आदेशों में निर्देश दिया है कि ऐसी सभी इकाइयां 21 मई, 2017 से पहले अपने प्राथमिक प्रवाह उपचार संयंत्रों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए आवश्यक क्षमता तक पूरी तरह से चालू बनाएंगी।

उन्होंने बताया कि बोर्ड इसके उपरांत निरीक्षण करेगा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार इस तरह के कार्यात्मक निस्सार उपचार संयंत्र स्थापित किए गए हैं या नहीं, और यदि ऐसी इकाइयों द्वारा इन आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाएगा तो उन्हें औद्योगिक गतिविधि नहीं करने दी जाएगी।

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