दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले : अमेरिका ने इन हमलों को ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया

दुबई/वॉशिंगटन, (रॉयटर्स) – अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कुछ ठिकानों पर हमले किए। इन ठिकानों में वे नावें भी शामिल थीं जो बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं, और मिसाइल लॉन्च करने वाली जगहें भी। अमेरिका ने इन हमलों को ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया है।

ये हमले ऐसे समय में हुए जब ईरान के मुख्य वार्ताकार और विदेश मंत्री, कतर के प्रधानमंत्री के साथ बातचीत के लिए दोहा में मौजूद थे। वे अमेरिका के साथ एक संभावित समझौते पर चर्चा कर रहे थे, जिसका मकसद तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करना था। इस दौरे की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने सोमवार को यह बात बताई। यह तब हुआ जब वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने ही इस बात की उम्मीदें कम कर दी थीं कि जल्द ही कोई बड़ी सफलता (ब्रेकथ्रू) मिल पाएगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इससे पहले नई दिल्ली में पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका ईरान के साथ “किसी दूसरे तरीके” से निपटने पर विचार करने से पहले, कूटनीति को सफल होने का हर मौका देगा।

रूबियो ने कहा, “हमारे सामने एक काफी ठोस प्रस्ताव रखा है। इसमें ईरान की होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) को खोलने की क्षमता, उसे खुला रखने की गारंटी, और परमाणु मुद्दे पर एक बहुत ही वास्तविक, महत्वपूर्ण और समय-सीमा वाली बातचीत में शामिल होने की बात शामिल है। उम्मीद है कि हम इसे पूरा कर पाएंगे।”

‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी पोस्ट में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत “काफी अच्छी” चल रही है, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर ये बातचीत असफल होती है, तो नए हमले किए जा सकते हैं।

उन्होंने लिखा, “यह या तो सभी के लिए एक ‘शानदार समझौता’ (Great Deal) होगा, या फिर कोई समझौता होगा ही नहीं।”

Leave a Reply