2000 रुपये के स्टाम्प शुल्क को हटाने का फैसला

चंडीगढ़ ——- छोटे एवं सीमांत किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों एवं गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए, हरियाणा सरकार ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के तहत विभिन्न प्रकार के ऋण समझौतों पर लिए जाने वाले 2000 रुपये के स्टाम्प शुल्क को हटाने का फैसला किया है।

इस आशय का निर्णय आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

1.60 लाख रुपये तक का ऋण लेने पर छोटे एवं सीमांत किसानों, हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की अपनी योजनाओं के तहत बैंकों को प्रायोजित महिला लाभार्थियों, प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लाभार्थियों और हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा बैंकों को ऋण के लिए प्रायोजित गरीबी रेखा से नीचे के लाभार्थियों/परिवारों को स्टाम्प ड्यूटी की छूट दी जाएगी।