मुद्रक व प्रकाशक का नाम उल्लेख न होने पर प्रिंटिंग प्रैस के खिलाफ कार्यवाई

चंडीगढ़——– चुनावों के दौरान चुनाव प्रचार के लिए उम्मीदवारों तथा राजनैतिक दलो द्वारा जो प्रचार सामग्री प्रिन्टिग प्रैसों से छपवाई जाती है उसके मुख्य पृष्ठ पर मुद्रक व प्रकाशक के नाम का उल्लेख होना आवश्यक है, वरना उस प्रिंटिंग प्रैस के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा के सयुंक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्रिटिंग प्रैसों से चुनाव सामग्री छपवाने के सम्बन्ध में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127-ए का पालन करना अनिवार्य है।

इस अधिनियम के तहत कोई भी व्यक्ति कोई ऐसी निर्वाचन पुस्तिका के पोस्टर, जिसके मुख्य पृष्ठ पर उसके मुद्रक और प्रकाशक का नाम व पता नहीं है, तो वह मुद्रित या प्रकाशित नहीं करेगा और न ही कोई मुद्रित या प्रकाशित कराएगा। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी निर्वाचन पुस्तिका या पोस्टर को उस दशा में भी न तो मुद्रित करेगा और न मुद्रित कराएगा जिसमें प्रकाशक की पहचान के बारे में अपने द्वारा हस्ताक्षरित और ऐसे दो व्यक्तियों द्वारा, जो उसे स्वयं जानते हैं, द्वारा अनुप्रमाणित न हों। इसके अलावा उचित समय में प्रिंटिंग करने वाला व्यक्ति अपने मैटर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी या जिला मैजिस्ट्रेट को भेजेगा।

उन्होंने आगे बताया कि अगर कोई व्यक्ति उपधारा (1) या उपधारा (2) के उपबंधों में से किसी का उल्लंघन करेगा तो उसको 6 महीने की कैद या दो हजार रूपए या दोनों हो सकते हैं।