भाजपा शासन में किसानों को नहीं मिला सही मुआवजा-अजय सिंह

सीधी (विजय सिंह,स्वतंत्र पत्रकार) —– पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया ने सीधी संसदीय क्षेत्र में जनसम्पर्क के दौरान पीड़ित किसानों की व्यथा सुनने के बाद पूर्ववर्ती प्रदेश भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला है।

चुरहट विधान सभा के मीडिया प्रभारी शोमेश्वर सिंह की विज्ञप्ति अनुसार राहुल भैया ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2013 में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बनाये गये भू अधिग्रहण कानून की मंसा के खिलाफ उद्योग पतियों से सांठ-गांठ करके उन्हें लाभ पहुंचाया गया है, जिससे प्रदेश के किसानों को काफी नुकसान हुआ है।

भू-अधिग्रहण कानून 2013 में किसानों की अधिग्रहित भूमि का बाजारू मूल्य से चार गुना मुआवजा देने का प्रावधाान था, जिसे घटाकर शिवराज सिंह ने बाजार मूल्य का सिर्फ दुगुना किया। उन्होने आगे कहा कि अधिग्रहित डायवर्टेड भूमि के पूरे रकवे का डायवर्टेड दर से मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया, बल्कि उसे 0.03 हेक्टर तक सीमित कर दिया गया। जिसका लाभ उठाते हुये भू माफिया ने राजस्व अमले के साथ मिलकर किसानों की जमीन 0.03 हेक्टर का अंश भाग अपने नातेदारों के नाम क्रय कर लिया जिस कारण से प्रभावित किसान परिवार के सदस्य रोजगार पाने के अधिकार से भी वंचित रह गये।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि वर्ष 2015-16 में अधिग्रहित भूमि का जो बाजारू मूल्य था उसी दर से वर्ष 2019 में भी भुगतान किया जा रहा है। हर क्षेत्र में मंहगाई बढ़ी है जिसकी तुलना में लाखों किसान की अधिग्रहित भूमियों का बढ़ती हुई मंहगाई की दर से कीमत निर्धारित न किया जाना आपत्ति जनक है।

अधिग्रहित भूमियों में स्थित माकान, वृक्ष, ट्यूवेल का भी राजस्व अधिकारी मनमाना मूल्यांकन कर रहे हैं। सीधी संसदीय क्षेत्र में सीधी व सिंगरौली जिले के अन्तर्गत निर्माणाधीन नेशनल हाइवे तथा रेलवे लाइन तैयार करने में लगभग 160 गांव के पैतालिस हजार किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है जिससे दो लाख व्यक्ति प्रभावित हो रहे हैं। विस्थापित तीस फीसदी परिवार हरिजन, आदिवासी तथा पिछड़े वर्ग के हैं।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने स्मरण कराया कि भू अधिग्रहण कानून 2013 को उलटने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में प्रस्ताव रखा था, जिसका कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रखर विरोध करते हुये कई दिनों तक संसद नहीं चलने दिया था। परिणामस्वरूप केन्द्र सरकार को संसोधन वापस करना पड़ा परन्तु मुआवजा निर्धारण के लिये राज्य सरकारों को स्वतंत्र कर दिया जिसका लाभ उठाते हुये भाजपा शासित राज्य सरकारों ने उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिये मुआवजा राशि में कटौती कर दी जिस कारण से सीधी सिंगरौली जिले के लाखो किसानों को गम्भीर आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।

उन्होने कहा है कि वे मध्यप्रदेश के स्तर पर किसानों के अधिग्रहित भूमि का भूअर्जन कानून 2013 के अनुसार पूर्ववत निर्धारित चार गुना मुआवजा राशि दिलाये जाने के लिये प्रयास करेंगे साथ ही उन्होने किसानों को आश्वस्थ किया है कि यदि केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनती है तो किसानों को अधिग्रहित भूमि के एवज में मुआवजा तथा रोजगार के लिये भूअर्जन कानून 2013 के पूर्ववत प्रावधान लागू करायेंगे।

क्योंकि हमारे नेता कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने भी मध्यप्रदेश, छत्तीसगड़ तथा राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ के दौरे पर सार्वजनिक रूप से किसानों को अधिग्रहित भूमि का बाजारू दर से चार गुना मुआवजा दिलाने की घोषणा कर चुके हैं। अल्प समय तथा आचार संहिता लागू होने के कारण जिसे लागू नहीं किया जा सका है।