बाल दिवस —– “मिशन पालना”

भोपाल : (संदीप कपूर)———-महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा है कि नवजात शिशुओं को यहाँ-वहाँ छोड़ने की घटनाओं को देखते हुए उनका उचित पालन-पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ‘मिशन पालना’ आरंभ करने का निर्णय लिया है।

इस मिशन के अंतर्गत 14 नवंबर बाल दिवस से 14 जनवरी, 2018 मकर संक्रांति तक प्रदेश के सभी जिलों की बाल संरक्षण संस्थाओं, अस्पतालों और सामाजिक संस्थाओं में मॉडल पालना स्थापित किये जाएंगे। इससे जन्मदाता माता-पिता अपने आवंछित बच्चे का परित्याग करने पर उन्हें कचरा घरों अथवा झाड़ियों में न फेंकें, वरन् इन झूलों में रख दें ताकि बच्चों का जीवन खतरे में न पड़े और सरकार ऐसे बच्चों के उचित पालन-पोषण की व्यवस्था कर दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया से उनके अच्छे जीवन का मार्ग प्रशस्त कर सके।

श्रीमती चिटनिस ने बाल संरक्षण संस्थाओं को दत्तक ग्रहण प्रक्रिया को त्वरित रूप से करने के लिये प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पुरस्कारों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि मार्च 2018 तक सर्वाधिक दत्तक ग्रहण करवाने वाली संस्था को 5 लाख रूपये, द्वितीय को 2.50 लाख रूपये और तृतीय क्रम पर आने वाली संस्था को 1.50 लाख प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की विभिन्न संस्थाओं में 1738 बच्चे निवासरत हैं और गोद लेने के इच्छुक लगभग 3 हजार परिवार प्रक्रिया के अंतर्गत प्रतीक्षारत हैं।

श्रीमती चिटनिस ने बताया कि विभाग द्वारा सभी जिलों को मॉडल पालना उपलब्ध करवाया जा रहा है। जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये गये हैं कि वे सीएसआर से जिलों की संस्थाओं में पालना स्थापित करायें।

पालने को धूप, पानी और मौसम के प्रभाव से बचाने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ऐसी व्यवस्था होगी कि बच्चे को पालने में रखने के कुछ समय बाद संबद्ध संस्था को संकेत मिलेगा जिससे वे बच्चे की देखरेख संबंधी कार्यवाही कर सकेंगे।