प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना कामगारों के लिए बड़ी सौगात :— उपायुक्त विनय प्रताप सिंह

हिन्दुस्तान के इतिहास में श्रमिकों के लिए पहली बार पेंशन योजना लागू

करनाल——- प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना दिहाड़ीदार, असंगठित कर्मकार एवं गरीब वर्ग के लोगों के लिए एक महत्वकांक्षी योजना है।

हिन्दुस्तान के इतिहास में श्रमिकों के लिए पहली बार पेंशन योजना लागू की है जो कि गरीब लोगों के लिए एक बहुत बड़ी सौगात है। करनाल जिले में अब तक इस योजना के अंतर्गत करीब 15 हजार श्रमिको ने पंजीकरण करवा लिया है। उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिले के कामगारों से अपील की है कि वह सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना पंजीकरण नजदीक के सीएससी सैंटर यानि अटल सेवा केन्द्रों पर जाकर अवश्य करवाए।

उपायुक्त ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिला के सभी सीएससी में शुरू हुई प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना 15 हजार रुपये मासिक से कम कमाने वाला 18 से 40 आयु का कोई भी श्रमिक पेंशन योजना के लिए पंजीकरण करवा सकता है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के लिए असंगठित क्षेत्र जैसे, स्ट्रीट वैंडर, रिक्शा चालक, निर्माण श्रमिक, घरेलू नौकर, खेती-बाड़ी मजदूर, बीड़ी बनाने वाले, हैंडलूम श्रमिक, धोबी, चमड़े का कार्य करने वाले आदि,वो सभी श्रमिक पात्र हैं जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष तक है और मासिक आय 15000 रुपये तक है।

उपायुक्त ने बताया कि असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले श्रमिक जो आयकर दाता नही है और ईपीएफ, ईएसआईसी, एनपीएस आदि से ना जुड़े हों, अपने निकटवर्ती सीएससी सेंटर के माध्यम से इस योजना में शामिल हो सकते हैं।

योजना में आवेदन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मासिक अंशदान जमा करवा कर अपना पंजीकरण करवाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि 60 वर्ष की आयु के बाद पंजीकृत श्रमिकों को 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी, श्रमिक की मृत्यु होने पर परिवार को फैमिली पेंशन के तौर पर 50 प्रतिशत पेंशन का लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि श्रमिकों को पेंशन का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड, जनधन खाता संख्या या बचत खाता संख्या, श्रम विभाग में पंजीकरण होना अनिवार्य है।