प्रधानमंत्री आवास में नवरात्र–अरुण शर्मा

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एक रसिक मिज़ाज़ राष्ट्रपिता हो सकता है ,

ठरकी को चाचा बुला सकते हैं ….

एक बुढ़िया भैंस बहन हो सकती है ….

10000 साड़ी रखने वाली अम्मा ..

विदेशी औरत पार्टी अध्यक्ष और देश की बहु हो सकती है ….

एक जिहादी दीदी हो सकती है …

बस ! अपना मोटा भाई, देश का बेटा नहीं हो सकता ….

तरस आता है बच्चो को 15kmpl की माइलेज देने वाली 2 -2 लाख की बाइक देने वाले ऐसा बोलते हैं ….

ये सब तब चालू हुआ जब मुस्लिम समाज की कुरीतियों का सरकार द्वारा विरोध की जा रही है ,

जब प्रधानमंत्री आवास में इफ्तार की जगह नवरात्र मनाये जाने लगा …

जब रोहिंग्या को बाहर करने की आवाज़ बुलंद हुई….

जब विदेशी पैसो से अराजकता फैला रही NGO पर नकेल कसा गया ….

जब प्रज्ञा ठाकुर और कर्नेल पुरोहित आज़ाद हुए ..

जब बॉर्डर पर आतंकियों की लाशों का अम्बार लग गया ….

डोकलाम जैसे मुद्दे पर चीन जैसी महाशक्ति को थूककर चाटने पर विवश किया गया

(नवसंचारसमाचार फेसबूक से)