गोंडी भाषा किसी भी कीमत पर विलुप्त नहीं होना चाहिये

भोपाल -(केके जोशी)———–मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने छिन्दवाड़ा जिले के हर्रई विकासखंड के ग्राम कोकनपिपरिया में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा के 13वें राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह में शामिल हुए।
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गोंड जनजाति की गौरवशाली ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपराओं की पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि गिन्नौरगढ़ के किले में भी ऐसा ही एक कार्यक्रम आयोजित होना चाहिये।

उन्होंने कहा कि भोपाल में रानी कमलावती की विराट प्रतिमा लगाई जायेगी और महल का जीर्णोद्वार भी करवाया जायेगा। आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा को जीवित बनाये रखने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गोंडी भाषा किसी भी कीमत पर विलुप्त नहीं होना चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्कृति विभाग गोंडी भाषा के शब्दकोष का प्रकाशन करायेगा।

गोंड महासभा द्वारा चिन्हित तीर्थ स्थल को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल किया जायेगा। आजादी की लड़ाई में अपना अमूल्य योगदान देने वाले गोंडवाना के सपूतों की स्मृतियों को संजोने के लिये संग्रहालय भी बनाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वनाधिकार पट्टे की चर्चा करते हुये कहा कि आने वाले 3 सालों में हर आदिवासी को पक्का मकान बनाकर दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि कक्षा पहली से लेकर उच्च शिक्षा तक आदिवासियों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने एकलव्य विद्यालय की तर्ज पर सभी संभागों में गुरूकुल विद्यालय की आवश्यकता पर भी बल दिया।

मुख्यमंत्री ने अधिवेशन के समापन अवसर पर आदिवासियों के ढोल के ताल पर थिरककर सबको अभिभूत कर दिया। इस दौरान प्रदेश के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन सहित भारत के ग्यारह राज्यों से आये पदाधिकारी और जिले के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जन समूह उपस्थित था।