दिल्ली के ‘सेंटर फार पालिसी रिसर्च’ ने अभी एक महत्वपूर्ण शोध-पत्र प्रकाशित किया है, जो हमारी वर्तमान भारतीय सरकार के लिए उत्तम दिशाबोधक हो सकता […]
Category: संपादकीय
चिकित्सा मुफ्त तो शिक्षा क्यों नहीं ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
पंजाब में कांग्रेस की उथल-पुथल पूरे देश का ध्यान खींच रही है। लेकिन वहीं से एक ऐसा बयान भी आया है, जिस पर नेताओं और […]
पंजाबः भस्मासुरी राजनीति — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
पंजाब की कांग्रेस में खड़े हुए संकट के फलितार्थ क्या-क्या हो सकते हैं? इस संकट का सबसे पहला संदेश तो यही है कि कांग्रेस के […]
भारत में महिला जजों की कमी — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत के मुख्य न्यायाधीश न.व. रमन ने पिछले हफ्ते भारत की न्याय व्यवस्था को भारतीय भाषाओं में चलाने की वकालत की थी, इस हफ्ते उन्होंने […]
पिछड़े की कोई जाति नहीं होती — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
सर्वोच्च न्यायालय के एक प्रश्न के जवाब में भारत सरकार का यह कहना पूर्णतया तर्कसंगत है कि जनगणना करते समय अन्य पिछड़ी जातियों की जनगणना […]
कांग्रेस और भाजपा की एकरूपता– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
पंजाब, गुजरात, उत्तराखंड और कर्नाटक में जिस तरह मुख्यमंत्री बदले गए हैं, क्या इस प्रक्रिया के पीछे छिपे गहरे अर्थ को हम समझ पा रहे […]
हिंदी में हस्ताक्षर से क्यों न करें शुरुआत– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हर 14 सितंबर को भारत में हिंदी-दिवस मनाया जाता है। वह एक सरकारी औपचारिकता बनकर रह जाता है। यदि भारत की विभिन्न सरकारों और जनता […]
हिंदी दिवस की औपचारिकता —– डॉ. वेदप्रताप वैदिक
हिंदी दिवस हम हर साल 14 सितंबर को मनाते हैं, क्योंकि इसी दिन 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को राजभाषा बनाया था। लेकिन क्या […]
मुख्यमंत्री बीच में ही क्यों बदले जाते हैं? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
भारत की दोनों प्रमुख अखिल भारतीय पार्टियों— भाजपा और कांग्रेस— में आजकल जोर की उठापटक चल रही है। यदि कांग्रेस में पंजाब और छत्तीसगढ़ के […]
मुसलमान भी हिंदू ही हैं ? — डॉ. वेदप्रताप वैदिक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखिया मोहन भागवत ने मुंबई की एक सभा में कहा कि मुसलमान नेताओं को कट्टरपंथियों के खिलाफ दो-टूक रवैया अपनाना चाहिए। […]
