लखनउ (निशांत सक्सेना)—–भारत की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्रांति को साफ ऊर्जा से चार्ज करने के लिए भारी बिजली उत्पादन की नहीं, बल्कि बेहतर प्लानिंग और स्मार्ट […]
Category: मुद्दे
कोयला हुआ पुराना, अब रिन्यूएबल ही सस्ता
दुनीया भर में 91% नई सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएं कोयले-गैस से सस्ती पड़ीं। लेकिन सवाल अब भी बड़ा है: क्या सस्ती बिजली हर किसी […]
जलवायु संकट की मार अब आपकी थाली पर
लखनउ (निशांत सक्सेना) अगर आपने हाल के महीनों में सब्ज़ियों, प्याज़, आलू या चाय-कॉफ़ी की कीमतों में अजीब उछाल देखा है, तो यह केवल मंडी […]
बाउंसर बन चुकी है गर्मी: क्रिकेट पर मंडराता जलवायु संकट
लखनऊ –(निशांत सक्सेना) IPL के एक तिहाई मैच ऐसी गर्मी में खेले गए जो खिलाड़ियों की सेहत के लिए ख़तरनाक मानी जाती है IPL 2025 […]
जलवायु संकट का बढ़ता ख़तरा: बाढ़, तूफ़ान और आग की चपेट में
जलवायु संकट का बढ़ता ख़तरा: बाढ़, तूफ़ान और आग की चपेट में बैंकिंग से लेकर क्लाउड स्टोरेज, मेडिकल इमरजेंसी से लेकर मोबाइल नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स तक, हमारी पूरी डिजिटल […]
IIT Kanpur और IBM की साझेदारी से उत्तर प्रदेश में AI बनाएगी साफ़ सांसों के नक्शे
अब AI सुनेगी, समझेगी हवा को… हम अक्सर हवा को महसूस तो करते हैं, पर क्या हम उसे सुन और समझ पाते हैं?लखनऊ (निशांत सक्सेना) […]
अदालतें बन रही हैं जलवायु की रणभूमि
दुनिया भर में बढ़ते क्लाइमेट मुक़दमे और भारत में इसकी गूंज लखनऊ (निशांत सक्सेना) : एक ज़माना था जब जलवायु संकट का ज़िक्र सिर्फ़ वैज्ञानिक […]
किसी भी रेडियोलॉजिकल रिलीज ने जनता को प्रभावित नहीं किया है : अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी
Bulletin of the Atomic Scientists——— राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने फोर्डो, नतांज़ और इस्फ़हान […]
बैटरी नहीं, भरोसा है ये — इंडिया की एनर्जी क्रांति की अनसुनी कहानी
लखनऊ (निशांत सक्सेना)——– जब भी बात क्लाइमेट की होती है, तो हमारे दिमाग में सीधे सोलर पैनल और हवा के टरबाइन घूमने लगते हैं। वो […]
जलवायु नीति पर बहस में भारतीय कंपनियाँ खामोश
लखनऊ (निशांत सक्सेना)—आजकल हर कोई Net Zero की बातें करता है। कॉरपोरेट जगत से भी बड़े-बड़े climate commitments आते हैं—websites पर sustainability pledges हैं, events […]
