अंग्रेजी में एक कहावत है ” नो योरसेल्फ एंड बी योरसेल्फ” यानी खुद को जानो और फिर वैसा ही आचरण करो। शायद इसी वाक्य से […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
दिन ब दिन टूटते रिश्ते —डॉ नीलम महेंद्र
हाल ही में जापान की राजकुमारी ने अपने दिल की आवाज सुनी और एक साधारण युवक से शादी की। अपने प्रेम की खातिर जापान के […]
मेहनत का कोई विकल्प नहीं -सतीश सक्सेना
अकेले लॉन्ग रन पर जाने में , मन बहुत व्यवधान पैदा करता है ! कल सुबह बेमन घर से निकला कि 10 km दौड़ना है […]
सिद्धांतों की बलि चढ़ाते राजनेता मध्यप्रदेश : बनते बिगड़ते समीकरण—— सुरेश हिन्दुस्थानी
हम बचपन में अपने दोस्तों के साथ खेल खेलते थे। जब किसी दोस्त को उस खेल का हिस्सा नहीं बनाया जाता तो वह खेल बिगाडऩे […]
क्या यह दबी चिंगारी को हवा देने की कोशिश है ?—- डॉ नीलम महेंद्र
अभी ज्यादा दिन नहीं हुए थे जब सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत ने एक कार्यक्रम के दौरान पंजाब में खालिस्तान लहर के दोबारा उभरने के […]
सोनाली दास गुप्ता , सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री कुर्सी का सच
अबदुस समीर शेख ——— कांग्रेसी यह अफवाह फैलाते हैं कि सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी को लात मार दिया था और उन्हें त्याग की […]
सनातन परम्पराओं को कुरीतियाँ कह कर खारिज करने का षडयंत्र ——— डॉ नीलम महेंद्र
5 नवंबर को एक दिन की विशेष पूजा के लिए सबरीमाला मंदिर के द्वार कडे पहरे में खुले। न्यायालय के आदेश के बावजूद किसी महिला […]
कैसा समाज बनाएंगे हम ? –डॉ नीलम महेंद्र
क्या कानून की जवाबदेही केवल देश के संविधान के ही प्रति है? क्या सभ्यता और नैतिकता के प्रति कानून जवाबदेह नहीं है ? क्या ऐसा […]
प्रीतिष नंदी जैसे लोग आजादी के लड़ाई के संघर्ष में कहाँ थे ?—
** प्रीतिश नंदी को जवाब : उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। ** टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप तो वैसे ही अंग्रेज़ी का गुलाम, नवभारत टाईम्स हिंदी […]
निर्धन एवं असहाय लोगों को वस्त्र एवं भोजन सामग्री वितरित
जैन समाज मानवता की सेवा के लिए तत्पर: गणि राजेन्द्र विजय ************************************************ नई दिल्ली–(बरुण कुमार सिंह)———– प्रख्यात जैन संत एवं आदिवासी जनजीवन के प्रेरक गणि […]
