लेखक के कलम से

बिहार में विपक्ष की रणनीति पर भारी पड़ी एनडीए की ठोस नीति —मुरली मनोहर श्रीवास्तव

बिहार में महागठबंधन को भारी पराजय का सामना करना पड़ा है महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी राजद तो सूबे में
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खंजरी की थाप पर झूमने वाले गांव में खंजर निकलने लगे—रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला

मेरे गांव ————— कहते है कि भारत गांवो में बसता है, अग्रेंजो ने भारत को गांव का देश कहा है।
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भानुमती का कुनबा भी नहीं कर सका नैया पार—-सज्जाद हैदर

वाह रे राजनीति तेरे रूप हजार यह सत्य है। क्योंकि, 2019 के चुनाव का परिणाम जो देश की जनता के
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सिद्धू-कैप्टन घमासान, कांग्रेस में भूचाल का संकेत—– सुरेश हिन्दुस्थानी

राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। लेकिन अभी हाल ही में मतदान बाद के जो
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सियासी तापमान छुए आसमान—– सज्जाद हैदर

वाह रे देश की सियासत, तेरे रूप हज़ार, नेताओं का सियासी वार, चुनाव आयोग का नोटिस रूपी प्रहार, सारे नियम
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निजी स्वार्थ के कारण विपक्ष हुआ धड़ाम— सज्जाद हैदर

वाह! अजब रूप और गजब कहानी। वाह रे सियासत तेरे रूप हजार। देश की चिंता किसे है आज के समय
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पिछले 20 वर्षों से रोजा रखते आ रहे हैं — लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव

रमजान में आपने अक्सर सुना होगा कि मुस्लिम समुदाय के लोग इस पूरे महीने रोजा रखते हैं। लेकिन कई हिंदू
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भारतीय महिलाओं की राजनीतिक दशा और दिशा… आज भी हाशिए पर – मुरली मनोहर श्रीवास्तव

भारत गांवों का देश है, भारतीय महिलाएं शुरुआती दौर से सम्मान की पात्र रही हैं। मगर समाज में इनके हाशिए
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बंगाल में राजनैतिक प्रतिद्वंदिता या दुश्मनी—— डॉ नीलम महेंद्र

क्या ममता हार मान चुकी है? आज़ाद भारत के इतिहास में शायद पहली बार चुनावी हिंसा के कारण देश के
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राजनीति का मुख्य उद्देश्य “जनसेवा” या फैमिली कैरियर?— सज्जाद हैदर

इतिहास साक्षी है जब-जब विश्व के किसी भी देश में जनता ने आंदोलन आरम्भ किया और जनहित हेतु आंदोलन आरम्भ
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