ऐसा माना जाता है कि शिक्षा मनुष्य में आलोचनात्मक चेतना विकसित करती है, उन्हें आर्थिक, सांस्कृतिक और मानव पूंजी में परिवर्तित करती है तथा शोषण […]
Category: लेखक के कलम से
केवल लेखक के लिये
कबूतरों की अनियंत्रित वृद्धि अप्राकृतिक और परेशानियाँ बढ़ानेवाली — एड. संजय पांडे
कई हाऊसिंग सोसायटियों के परिसरों में खुले स्थानों पर बड़ी संख्या में कबूतर घूमते हैं और गंदगी फैलाते हैं। बिल्डिंग के कुछ लोग उन्हें खाना […]
गर्भ में भी मुझ पर लटक रही थी एक तलवार — नीतू रावल :: वक्त ये भी बदल जाएगा जनाब दिया आर्य
गर्भ में भी मुझ पर लटक रही थी एक तलवार — नीतू रावल गनी गांव, गरुड़ बागेश्वर, उत्तराखंड गर्भ में भी मुझ पर लटक रही, […]
बच्चों की यौन जिज्ञासाओं का हल निकालने में माता-पिता की भूमिका — अलका गाडगिल
महाराष्ट्र : इंटरनेट के बढ़ते जाल ने जहां जीवन को आसान बना दिया है वहीं इसके कई नकारात्मक पहलू भी समय समय पर सामने आते […]
इन्फर्टीलिटी से पीड़ित 25 से 35 वर्ष के कपल्स चुन रहे हैं आईवीएफ उपचार के विकल्पः –प्रिस्टाईन केयर
रेणु चौधरी (मुंबई)—- आइवीएफ उपचार करवना जहां एक ओर उत्साहजनक होता है, वहीं दूसरी ओर कपल्स को नर्वस भी करता है। इसी के मद्देनज़र प्रिस्टाईन […]
नीतिगत प्रयासों में तेज़ी 2030 के ई-मोबिलिटी लक्ष्य के लिए ज़रूरी
लखनऊ (निशांत कुमार )——- चार्जिंग ढांचे को तेजी से विस्तार देना, वित्तीय समाधान पेश करना, अधिदेश (मैन्डेट) पेश करना और सम्बन्धित राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के अनुरूप […]
भारत के नेट ज़ीरो लक्ष्य हासिल करने में क्लीनटेक स्टार्टअप्स निभा सकते हैं अहम भूमिका
लखनऊ (निशांत कुमार)—— बात दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम या समुदाय के आकार की हो तो भारत अमेरिका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। […]
रास्ते भर रास्ता ढूंढते हैं — हंसी बघरी
बघर, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड ———-देश में इस वर्ष मानसून लगभग अपने सामान्य गति से चल रहा है. कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश ने […]
जेंडर गैप इंडेक्स और हम — डॉ नीलम महेंद्र लेखिका वरिष्ठ स्तंभकार हैं।
ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में मानव के रूप में जन्म लेना एक दुर्लभ सौभाग्य की बात होती है। और जब वो जन्म एक स्त्री […]
फिर भी गांव में खुशियां होती हैं :: घूंघट बनी ज़ंज़ीर
फिर भी गांव में खुशियां होती हैं — चांदनी बघरी बघर, कपकोट बागेश्वर, उत्तराखंड ग्रामीण जीवन में समस्याएं होती हैं। फिर भी जीवन में खुशियां […]
