लखनऊ (निशांत सक्सेना) धार, मध्य प्रदेश: हर साल, मध्यप्रदेश के धार ज़िले में किसान समुदाय अक्षय तृतीया से ही खेती संबंधी तैयारी में जुट जाते […]
Author: shailesh
पारंपरिक कालबेलिया नृत्य को पहचान दिलाती राखी : शेफाली मार्टिन्स
राजस्थान—————पुष्कर मेले या कोई भी राजस्थानी त्यौहार, चमकीले कपड़े पहने कालबेलिया नर्तकियों के बिना अधूरा माना जाता है. इस नृत्य को 1980 के दशक में […]
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज की सुविधा नहीं है: शिल्पा
उदयपुर, राजस्थान —————किसी भी देश या क्षेत्र की तरक्की इस बात पर निर्भर करती है कि वहां रहने वाले कितने पढ़े लिखे हैं और कितने […]
जीविका से गरीब महिलाओं को मिल रही आजीविका: रिंकु कुमारी
मुजफ्फरपुर, बिहार—————- तमाम सरकारी व गैर सरकारी प्रयासों के बाद भी अपना देश निर्धनता के दंश से अभी तक उबरा नहीं है. गरीबी उन्मूलन जैसे […]
कुदरती इलाज का माध्यम है जड़ी बूटियों से बनी दवाइयां : नीलम ग्रेंडी
बागेश्वर, उत्तराखंड————– विज्ञान की तरक्की ने इंसानी ज़िंदगी को बहुत आसान बना दिया है. इस तरक्की का सबसे अधिक लाभ मेडिकल को हुआ है. इससे […]
कार्बन उत्सर्जन में गांव भी पीछे नहीं : डॉ. संतोष सारंग
मुजफ्फरपुर, बिहार——————-शिवचंद्र सिंह तीन भाई हैं और तीनों किसान हैं. ये तीनों चिलचिलाती धूप, कड़ाके की ठंड एवं मूसलाधार बारिश की मार झेलकर भी धरती […]
साइबर क्राइम का आसान शिकार बनते ग्रामीण : भारती डोगरा
पुंछ, जम्मू————- इंटरनेट जो पहले हमारे लिए वरदान साबित हो रहा था, वह साइबर क्राइम जैसे अपराधों के कारण अब हमारे लिए मुसीबत बनता जा […]
पीरियड लीव पर महिलाएं नहीं हैं एकमत : रचना प्रियदर्शनी
पटना, बिहार————- बीते दिनों स्पेन की संसद में पीरियड्स लीव को अंतिम मंजूरी दी गयी. इसके साथ ही स्पेन पीरियड लीव कानून को लागू करने […]
भोजपुरी पेंटिंग को पहचान दिलाती वंदना : सौम्या ज्योत्सना
मुजफ्फरपुर, बिहार—————–बिहार में कला और संस्कृति के नाम मधुबनी पेंटिंग और भाषा के रूप में भोजपुरी विश्व पटल पर अपनी पहचान रखता है. आमतौर पर […]
गांवों में लड़कियों की उच्च शिक्षा के प्रति उदासीनता : वंदना कुमारी
मुजफ्फरपुर, बिहार ———- किसी भी देश के विकास के लिए यह आवश्यक है कि उसके सभी नागरिक समान रूप से शिक्षित और दक्ष हों. चाहे […]
