किसान हितैशी कदम———–आठ रुपये प्रति किलो खरीद और पीडीएस की दुकानों में दो रूपये बिक्री

भोपाल——————मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रालय में कृषि विभाग की भविष्य की कार्य-योजनाओं और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने प्याज खरीदी की व्यवस्थाओं की […]

समस्या –पौंग डेम विस्थापित–सिर्फ उठा-बैठक

शिमला —————-मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने राजस्थान सरकार से पौंग बांध विस्थापितों को पुनः स्थापित करने के लंबित मामले को निश्चित समय सीमा में हल […]

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 1003 करोड़ की 273 परियोजनाएं अनुमोदित

शिमला —————– राज्य सरकार ने 1003 करोड़ की 1613 लम्बी नई सड़कों तथा 14 पुलों की 273 परियोजनाओं के प्र्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। […]

कीटनाशकों का अधिक इस्तेमाल न करें किसानः राज्यपाल

शिमला —–राज्यपाल आचार्य ने किसान समुदाय का आहवान किया है कि अपनी आय में वृद्धि और उत्पादन लागत में कटौती के लिए शून्य लागत प्राकृतिक […]

जाति के आतंकवाद पर लगाम सिर्फ बहुजन एकता से ही संभव

लखनऊ ————–लक्ष्य की टीम ने कानपुर के सिद्धार्थ नगर में बहुजन जनजागरण अभियान के तहत एक कैडर कैम्प का आयोजन किया ! लखनऊ से आई […]

बेटी बचाओं ठग से सावधान ! -सीडीपीओ सूषमा रानी

झज्जर/ बहादुरगढ़(गौरव शर्मा)————महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना जिला झज्जर बहादुरगढ़ अधिकारी सुषमा रानी ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे बेटी […]

गोवा में जून 2017-‘षष्ठ अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन

अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन : हिन्दू-संगठन का राष्ट्रीय व्यासपीठ ! १. १०० करोड हिन्दुआें का स्वयं का एक भी राष्ट्र क्यों नहीं है ? हिन्दू […]

कांग्रेस की अहिंसा–मुंह में राम बगल में छुरी–डा०.नीलम महेन्द्र

सम्पूर्ण विश्व में अहिंसा के पुजारी के रूप में पूजे जाने वाले जिस गाँधी के नाम के सहारे काँग्रेस आज तक जीवित है वही पार्टी […]

गुवाहाटी से प्रधानमंत्री को पत्र– बंदूक से नहीं वास्तु से खत्म होगा उग्रवाद और नक्सलवाद !’

प्रतिष्ठा में, दिनांक : 5 मई 2017 माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, नई दिल्ली। PMOPG/E/2017/0270274 विषय : ‘बंदूक से नहीं वास्तु से खत्म होगा उग्रवाद […]

जिलों के उपायुक्त -ई-पत्र–पर कितने समय देते हैं !

आपके जिला उपायुक्त कितने कर्मयोगी हैं ! ई-पत्र से अपनी याचना भेज कर साबित कर सकते है चाहे आपके सरकार की सूचना तकनीकि राग क्यों […]