वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग को अमेरिकी हितों के अनुरूप ढालना और दशकों के भ्रष्टाचार से खोखले हो चुके इस देश के पुनर्निर्माण में मदद करना है

वाशिंगटन (रॉयटर्स) – अमेरिकी अधिकारियों ने वेनेजुएला में तेल क्षेत्रों के संचालन के लिए एक उपक्रम में बड़ी हिस्सेदारी लेने के वाशिंगटन के समझौते का बचाव किया है। उन्होंने इस समझौते को एक ऐसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है, जिसका उद्देश्य वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग को अमेरिकी हितों के अनुरूप ढालना और दशकों के भ्रष्टाचार से खोखले हो चुके इस देश के पुनर्निर्माण में मदद करना है।

पिछले हफ्ते, अमेरिका ने वेनेजुएला के तेल भंडारों का लगभग पांचवां हिस्सा अपने नियंत्रण में लेने के लिए एक व्यापक समझौते की घोषणा की। हालांकि, कुछ लोगों ने इस समझौते के कुछ पहलुओं पर सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से, बिना किसी प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के ‘नॉर्थ अमेरिकन ब्लू एनर्जी पार्टनर्स’ (NABEP) को दिए गए 14 अनुबंधों पर सवाल उठ रहे हैं। यह कंपनी अमेरिकी समर्थन वाली है और इसे वेनेजुएला के व्यवसायी एलेजांद्रो बेटनकोर्ट नियंत्रित करते हैं।

Secretary of Energy Chris Wright visits the Great American State Fair on the National Mall in Washington, D.C., U.S., REUTERS/

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रॉयटर्स की सोमवार की रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते की संरचना और इसमें बेटनकोर्ट की केंद्रीय भूमिका को लेकर कुछ तेल कंपनियों ने चिंता जताई है। ये कंपनियां वेनेजुएला में निवेश करने पर विचार कर रही थीं। बता दें कि वेनेजुएला में अपने पिछले कामकाज को लेकर बेटनकोर्ट की अमेरिकी और यूरोपीय अधिकारियों द्वारा जांच तो की गई है, लेकिन उन पर कभी कोई औपचारिक आरोप नहीं लगाया गया।

पत्रकारों से बात करते हुए, एक अधिकारी ने बताया कि इस समझौते में 17 बड़े तेल क्षेत्रों के लिए 100 साल की लीज़ शामिल है। उन्होंने इसे “एक भू-राजनीतिक अवसर” बताया, जिसके ज़रिए ऐसे तेल क्षेत्रों को सुरक्षित किया जा सकता है, जो अब तक मुख्य रूप से चीनी और रूसी कंपनियों के प्रभाव में थे।

जब बेटनकोर्ट के बारे में और सवाल पूछा गया, तो अधिकारी ने कहा कि इस व्यवसायी की पूरी जांच-पड़ताल की गई है और “अमेरिका में उन पर हमारे किसी भी कानून के उल्लंघन का कोई आरोप नहीं है।”

अधिकारी ने कहा, “मैं यहाँ किसी को संत का दर्जा नहीं दे रहा हूँ। भू-राजनीति में अक्सर आदर्श और अपूर्ण के बीच चुनाव करने की स्थिति नहीं होती। इसमें आपको यह देखना होता है कि सबसे अच्छा परिणाम कैसे हासिल किया जा सकता है, और आपके पास जो भी साधन या परिस्थितियां मौजूद हैं, उन्हीं के साथ काम करना पड़ता है।”

अधिकारियों के अनुसार, NABEP जैसी निजी कंपनियों को किसी अमेरिकी सरकारी इकाई के साथ साझेदारी करने के लिए भी किसी प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया से गुज़रने की ज़रूरत नहीं होती है। उनमें से एक ने कहा, “उन्होंने एक्सॉन, शेवरॉन, कोनोको, चीन या रूस के बजाय अमेरिकी सरकार के साथ साझेदारी करने का फैसला किया, जो कि मेरे हिसाब से एक सकारात्मक कदम है।”

विशेषज्ञों ने इस समझौते की वैधता पर सवाल उठाए हैं। खास तौर पर इसलिए क्योंकि इन तेल क्षेत्रों को चलाने के लिए मॉडल और कंपनियों का चुनाव वेनेजुएला नहीं, बल्कि अमेरिका करेगा। अमेरिकी तेल कंपनियों के सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि इस समझौते से उन्हें यह चिंता सता रही है कि उन्हें अमेरिकी सरकार से ही प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।

फरवरी के आखिर में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने के बाद से ही ‘व्हाइट हाउस’ को ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर मतदाताओं के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। इन हमलों की वजह से एक लंबा संघर्ष शुरू हो गया है, जिसके चलते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (होर्मुज जलडमरूमध्य) बंद हो गया है। बता दें कि दुनिया की कुल तेल और गैस आपूर्ति का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता था।
अमेरिका में लेबर डे और नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के करीब आते-आते, गैसोलीन की औसत कीमत 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई है।

लोकतंत्र की वापसी

अधिकारियों ने इस समझौते को एक “स्थिर और लोकतांत्रिक वेनेजुएला” बनाने की इच्छा से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि इस व्यापक प्रयास का अंतिम लक्ष्य दक्षिण अमेरिकी देश में चुनाव कराना होना चाहिए, हालांकि फिलहाल ऐसा होना संभव नहीं है।

एक अधिकारी ने कहा, “हम बिल्कुल नहीं चाहेंगे कि कोई नई लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार एक ऐसे देश की कमान संभाले जो पहले से ही संकट में हो।” उन्होंने आगे बताया कि वेनेजुएला में लोकतांत्रिक बदलाव को लेकर सरकार और विपक्षी नेताओं के बीच राजनीतिक बातचीत का अगला दौर सितंबर के मध्य में फिर से शुरू होगा।

अधिकारी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “सबसे महत्वपूर्ण काम यह सुनिश्चित करना है कि देश सिर्फ एक या दो बार चुनाव कराने वाला राष्ट्र न बनकर रह जाए, बल्कि एक स्थिर लोकतंत्र और एक स्थिर गणतंत्र बने, जहां नियमित रूप से चुनाव हो सकें। इसके लिए एक स्वतंत्र और खुली प्रेस का होना बहुत जरूरी है।”

एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट आज वेनेजुएला जा रहे हैं। वहां बुधवार को शेवरॉन (Chevron) कंपनी देश में अपने कामकाज का विस्तार करने के लिए एक अलग समझौते पर हस्ताक्षर करेगी।

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