सीधी ( विजय सिंह पत्रकार)- लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा में आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर कलेक्टर एवं जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) तथा द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी विकास मिश्रा द्वारा दो पंचायत सचिवों पर कार्रवाई करते हुए एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है
जारी आदेश के अनुसार विभागीय पोर्टल के परीक्षण में योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग से संबंधित अधिसूचित सेवाओं के आवेदन निर्धारित समय-सीमा से बाहर लंबित पाए गए। इस संबंध में पूर्व में कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा न तो समय पर जवाब प्रस्तुत किया गया और न ही लंबित आवेदनों का निराकरण किया गया, जिससे आवेदकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं।
मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदान की गारंटी अधिनियम, 2010 की धारा 6(2) एवं 7(1)(क) के तहत ग्राम पंचायत पिपरहा, जनपद पंचायत सिहावल के सचिव अविनाश चतुर्वेदी तथा ग्राम पंचायत हनुमानगढ़, जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के सचिव लालमणि सिंह पर एक-एक हजार रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
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सीधी कलेक्ट्रेट के 19 कर्मचारियों की पदोन्नति
सीधी ( विजय सिंह )- कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विकास मिश्रा ने मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025, मध्यप्रदेश राजस्व (तृतीय श्रेणी लिपिक संवर्ग) भर्ती नियम-2017 तथा विभागीय पदोन्नति समिति की अनुशंसा के आधार पर कार्यालय कलेक्टर राजस्व स्थापना के जिला, अनुविभागीय, तहसील एवं विकासखंड कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों की पदोन्नति संबंधी आदेश जारी किये हैं।
जारी आदेश के अनुसार विष्णुकान्त सोनी, कृष्ण प्रताप सिंह, सतेन्द्र कुमार मिश्रा, नरेश कुमार वर्मा, सतेन्द्र कुमार वर्मा, सुभाष कुमार पाण्डेय, राजेश कुमार पटेल, सावित्री देवी, शिवबहादुर सिंह, लक्ष्मीकांत शर्मा, विनोद सिंह परिहार, कौशलेश सिंह, राजबिहारी शर्मा, शांती बंसल, अश्वनी कुमार सिंह, राहुल कुमार कुशवाहा, राजबहादुर पनिका एवं गुरू वचन सिंह को सहायक ग्रेड-3 से सहायक ग्रेड-2 के पद पर स्थानापन्न (पदोन्नत) किया गया है। वहीं जिला कार्यालय सीधी में भृत्य के पद पर पदस्थ ऋचा रावत को आगामी आदेश तक सहायक ग्रेड-3 के पद पर स्थानापन्न (पदोन्नत) किया गया है।
आदेशानुसार सभी पदोन्नत कर्मचारियों की पदोन्नति मध्यप्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम, 1961 के अंतर्गत दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए प्रभावशील होगी। साथ ही पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार एक माह के भीतर वेतन निर्धारण संबंधी विकल्प प्रस्तुत करना होगा।
