आजीविका मिशन की समीक्षा बैठक : श्री अन्न, महुआ एवं कटहल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के निर्देश

सीधी ( विजय सिंह )- कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक सीधी के सभाकक्ष में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (आजीविका मिशन) के जिला प्रबंधकों एवं विकासखण्ड प्रबंधकों की समीक्षा बैठक लेकर जिले में स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को अधिक प्रभावी, टिकाऊ एवं बाजारोन्मुख बनाने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिये।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों का व्यापक विस्तार किया जाए। उन्होंने समूहों को व्यावसायिक कृषि उत्पादन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन तथा अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित की जायें।

कलेक्टर ने सहकारिता आधारित मॉडल को मजबूत बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि समूहों के माध्यम से सामूहिक उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन की व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ किसानों एवं समूह सदस्यों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखण्ड में ऐसी गतिविधियों की पहचान कर उन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाय।

बैठक में कलेक्टर ने श्री अन्न (मिलेट्स) के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के साथ-साथ जिले में उपलब्ध स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने महुआ एवं कटहल के प्रसंस्करण तथा विपणन में गुणात्मक सुधार लाने, नवीन उत्पाद विकसित करने तथा बाजार की मांग के अनुरूप पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार से जोड़कर स्व-सहायता समूहों के लिए आय के नए अवसर विकसित किये जायें।

कलेक्टर ने ब्लॉक प्रबंधकों को निर्देशित करते हुए कहा कि महिला किसानों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को शासन की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए। पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से योजनाओं से जोड़ते हुए प्रत्येक समूह सदस्य की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी पात्र समूह सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए ‘‘लखपति दीदी’’ के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मिशन मोड में कार्य किया जाये।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड में आजीविका गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता और विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, वित्तीय सहायता तथा बाजार से बेहतर समन्वय स्थापित कर स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाया जाये।

बैठक में जिला परियोजना प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह ने आजीविका मिशन की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ आशय तिवारी सहित आजीविका मिशन के जिला एवं विकासखण्ड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

विजय सिंह (स्वतंत्र पत्रकार

सीधी

 

Leave a Reply