जयपुर—————राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सपने को साकार करने एवं राष्ट्र हित को सर्वोपरि मानते हुए खादी की विशिष्ट पहचान बनाने की महती आवश्यकता है। यह बात राजस्थान खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभुदयाल बड़गूजर ने कही। 
श्री बड़गूजर मंगलवार को उदयपुर सूचना केन्द्र सभागार में आयोजित खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की उदयपुर संभाग स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में राजस्थान खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी श्री आदित्य देव सिंह कविया जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री विपुल जानी सहित खादी से जुड़े प्रतिनिधि व अधिकारीगण मौजूद रहेे।
श्री बडगूजर ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने खादी को विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से देश की खादी संस्थाओं को खादी इण्डिया के नाम से संचालित करने की अनूठी पहल की है। खादी के नवाचारों को आमजन तक पहुंचाने एवं खादी के उपयोग को बढ़ाने के तहत आज खादी भंडारों पर आमजन की पसंद के उत्पाद निर्मित किए जा रहे हैं।
खादी के विकास एवं विस्तार की दृष्टि से हर संभाग पर पांच-पांच करोड़ की लागत से खादी प्लाजा बनेगा। इसमें विपणन, प्रशिक्षण और फैशन डिजाइनिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। इसके साथ ही खादी को सोलर सिस्टम से जोड़ कर सोलर चरखे भी स्थापित किए जाएंगे। राजगढ़ और दौसा में इसकी शुरूआत भी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार एकमात्र ऎसी सरकार है जो खादी के क्षेत्र में रिबेट देती है। खादी के प्रचलन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है। प्रधानमंत्री ने प्रत्येक देशवासी से आह्वान किया है कि देश के प्रत्येक व्यक्ति के पास एक खादी वस्त्र अवश्य हो। केन्द्र सरकार ने रेलवे बोर्ड, जे.के.सीमेन्ट ग्रुप, एयर इंडिया, आएसएस जैसे बडे विभागों एवं समूहों से भी खादी अपनाने का आग्रह किया है।
संभाग से आए प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याएं रखी जिस पर अध्यक्ष श्री बड़गूजर ने विश्वास दिलाया कि राज्य अथवा केन्द्र सरकार के स्तर पर हर समस्या का समाधान किया जाएगा तथा खादी क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाते हुए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
