जयपुर -गृहमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री गुलाबचन्द कटारिया ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के लिये दी जाने वाली धनराशि का समयबद्घ उपयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, जिससे उसकी लागत न बढऩे पाये एवं विकास कार्यों का त्वरित लाभ जनता को मिल सके।
श्री कटारिया रविवार को जिला परिषद सभागार में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013-14 से चालू वित्तीय वर्ष तक प्राप्त धनराशि एवं उनके उपयोग संबंधी जानकारी सभी विभाग अगली बैठक से पूर्व उपलब्ध करायेंगे, जिससे कार्यों की प्रगति की वास्तविकता का आकलन हो सके।
उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक क्षेत्र विकास योजना मद के तहत स्वीकृत कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति तत्काल जारी की जाये, जिससे अविलम्ब कार्यादेश जारी होने से बगैर लागत बढ़े कार्य समयबद्घ रूप से पूरे कराये जा सके।
गृह मंत्री ने प्रतिवर्ष विकास कार्यों के लिए जिले भर की निविदाएं मार्च में ही आयोजित करने की जरूरत बताई जिससे वाजिब दर पर सामग्री की खरीद की जा सके और गुणवत्ता में भी समरूपता रहे। उन्होंने विभागों से प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि अधिकारी कोई भी कार्ययोजना अधूरी तैयार न करे जिससे कार्य निर्बाध रूप से पूरे हों। उन्होंने लोक राहत की योजनाओं यथा आवास, बिजली-पानी, रोजगार एवं चिकित्सा सेवाओं के प्रकरणों में अधिकारियों को व्यक्तिगत ध्यान देकर यथा समय स्वीकृतियां जारी करने के निर्देश दिये।
उन्होंने मजदूरी भुगतान की नियमितता के लिए संबंधित विभागों को सतत निगरानी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरा करते हुए लाभान्वितों को समय पर सुपुर्दगी की जाये। उन्होंने आयड़ नदी विकास योजना के तहत हिन्दुस्तान जिंक जैसे प्रतिष्ठानों का सहयोग लेकर परियोजना को गति प्रदान करने के निर्देश दिये।
उन्होंने आयड़ नदी और खेलगांव के किनारे आमजन के लिए वॉकिंग ट्रेक एवं शहर के प्रमुख स्थलों, मार्गों एवं राजकीय भवनों के सौंदर्यन के लिये रंगरोगन, वृक्षारोपण एवं लाइनिंग कार्यों को भी हाथ में लेने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि जिन सार्वजनिक स्थलों के आसपास सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, वहां निवासरत लोगों को पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करते हुए प्रभावशाली भूमाफिया के कब्जों को सख्ती से हटाने की कार्यवाही की जाये।
श्री कटारिया ने पेयजल की सुविधा के मद्देनजर जलदाय विभाग को निर्देश दिये कि वे जिले भर के प्रस्ताव बनाकर राजस्थान सरकार को भिजवायें ताकि उन्हें स्वीकृत कराया जा सके। उन्होंने मावली के बागोलिया जलाशय में उदयसागर का पानी डायवर्ट करने की योजना पर भी कार्य करने को कहा जिससे क्षेत्रीय पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हो सके। उन्होंने फ्लोराइड एवं दूषित पेयजल की समस्या वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की बात कही। उन्होंने उदयपुर शहर की ठोस
कचरा निस्तारण, सार्वजनिक उद्यानों का संधारण, नई डिस्पेंसरी के लिए स्थल का चयन, शहर में कमदाब से जलापूर्ति की समस्या का निराकरण सहित विभिन्न स्वीकृत कार्यों के त्वरित निस्तारण बाबत भी संबंधित विभागों को निर्देश दिये। उन्होंने शहर के मोहता पार्क सहित अन्य उद्यान जो निर्माण विभाग के अधीन है उन्हें नगर निगम को हस्तांतरित कराने के निर्देश जिला कलक्टर को दिये।
श्री कटारिया ने समाज कल्याण छात्रावासों में वार्डन की नियमित उपस्थिति छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं आदि पर ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने विद्युत विभाग को कृषि, बीपीएल एवं जनजाति उपयोजना में नि:शुल्क विद्युत संबंध आदि के लक्ष्यों को भी समयबद्घ पूरा करने की जरूरत बताई।
जिला प्रभारी सचिव डॉ.अशोक सिंघवी ने कहा कि अधिकारी ग्रीष्मकाल को देखते हुए पेयजल की स्थिति का पूरा आकलन कर लें वहंीं चिकित्सा विभाग मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैद होकर कार्य करें। सभी जगह दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता हो। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आवश्यक जानकारियां वेबसाइट पर दर्शाएं, जिससे आमजन को सूचना के लिए दफ्तरों तक नहीं आना पड़े। उन्होंने नामांतरण, जमाबंदी, भूमि आवंटन जैसे कार्यों को तत्काल निस्तारित करने की जरूरत बताई। उन्होंने भीलवाड़ा में खान इकाइयों द्वारा किये जा रहे सीवरेज पानी के उपयोग की तर्ज पर उदयपुर शहर में इसे नई पहल के रूप में लागू करने की बात कही। उन्होंने अवैध खनन पर कार्यवाही के लिये पुलिस एवं राजस्व विभाग के प्रभावी सहयोग की जरूरत बताई।
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने बताया कि प्रभारी मंत्री के निर्देश पर प्रतिमाह के तीसरे शनिवार को होने वाली इस बैठक में सभी विभाग पूरी तैयारी एवं बिन्दुवार जानकारी के साथ उपस्थित होंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 18 मई से लगने वाली लोक अदालतों के लिए भी सभी अधिकारी तैयारी करलें।
बैठक में महापौर चन्द्र सिंह कोठारी, यूआईटी सचिव रामनिवास मेहता, नगर निगम आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ, अति. मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.सी.लखारा, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.के.गौड़, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के.एस.सिसोदिया, जल संसाधन के अधीक्षण अभियंता अशोक बाबेल सहित अन्य विभागों की ओर से विभागीय प्रगति पर चर्चा की गई।
इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक अरविंद पोसवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर मनवीर सिंह अत्री एवं छोगाराम देवासी, जिला रसद अधिकारी हिम्मत सिंह भाटी, मुख्य आयोजना अधिकारी सुधीर दवे सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी मौजूद थे।
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