चंडीगढ़ ——— हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने आज अम्बाला छावनी के सिविल अस्पताल में पांच बच्चों को रोटावायरस निरोधी खुराक पिलाकर प्रदेश में रोटावायरस व इनएक्टीवेटिड पोलियो वायरस (आईपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ किया। इससे रोटावायरस को नियमित टीकाकरण में शामिल करने वाला हरियाणा, देश का चौथा राज्य बन गया है।
श्री विज ने कहा कि आंध्रप्रदेश, उड़ीसा और हिमाचल प्रदेश के बाद हरियाणा देश का ऐसा चौथा राज्य है जहां रोटावायरस जैसे मंहगे टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। प्रत्येक बच्चे को छठे, दसवें और 14 वें महीने में लगने वाले इस टीके की बाजार में लगभग 3 हजार रुपये कीमत है, परन्तु स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस टीके को प्रदेश के सभी बच्चों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रोटावायरस के कारण बच्चों में डायरिया हो जाता है। इस टीकाकरण से बच्चों की इस बीमारी को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। इस टीकाकरण अभियान के तहत प्रदेश के लगभग 6 लाख बच्चों का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
हरियाणा सरकार द्वारा बच्चों को निमोनिया से भी सुरक्षित रखने के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान की योजना पर तेजी से विचार किया जा रहा है। श्री विज ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भारत को पोलियो मुक्त राष्ट्र घोषित किया जा चुका है लेकिन पड़ौसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो वायरस होने के कारण देश के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा बच्चों को आईपीवी से सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण किया जाएगा। इससे बच्चे पोलियो से सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में उन्हें पोलियो की खुराक देने की बजाय केवल टीकाकरण ही किया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य जहां प्रथम चरण में प्रदेश के 84 अस्पतालों को एनएबीएच से मान्यता प्राप्त करवाई जाएगी । इन अस्पतालों में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य मापदंडों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। सभी 21 जिलों के नागरिक अस्पतालों, एक उपमंडल, एक सीएचसी और एक पीएचसी में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
श्री विज ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार ने हरियाणा नम्बर वन का झूठा प्रचार करके लोगों को गुमराह किया है। उस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी के कारण शिशु मृत्यु दर का राष्ट्रीय औसत आंकड़ा 40 था जबकि डेढ़ वर्ष पूर्व तक हरियाणा में यह आंकडा 41 रहा है।
वर्तमान सरकार द्वारा किये गये प्रभावी प्रयासों के कारण अब शिशु मृत्यु दर 41 से घटकर 33 तक पहुंच चुकी है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए उल्लेखनीय सुधारों के फलस्वरूप आज लोगों का सरकारी अस्पतालों में विश्वास बढ़ा है।
राजकीय अस्पतालों की ओपीडी में 15 प्रतिशत और इंडोर मरीजों की संख्या में 13.8 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के. महापात्रा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबन्ध निदेशक राजीव रतन, आयुष विभाग के महानिदेशक अमित अग्रवाल, अम्बाला के उपायुक्त अशोक सांगवान, स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डा. कमला सिंह सहित अनेक वरिष्ठï अधिकारी एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
