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मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज सम्पन्न मंत्री-परिषद् की बैठक में नवाचार पर आधारित नयी उद्यमिता विकसित करने अंश पूँजी की आवश्यकता पूरी करने के उद्देश्य से स्थापित किये जाने वाले वेंचर केपिटल फंड के लिए संस्थागत व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। संस्थागत व्यवस्था के लिए वित्त विभाग के अधीन एसेट्स मेनेजमेंट कम्पनी के गठन की सभी औपचारिकाताएँ पूर्ण की जायेंगी। इसमें प्रदेश में मध्यप्रदेश वेंचर फायनेंस लिमिटेड अथवा रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज द्वारा अनुमोदित अन्य लगभग समान नाम से एक पब्लिक लिमिटेड कम्पनी का गठन किया जायेगा। वेंचर केपिटल फंड की संस्थागत व्यवस्था के लिए वित्त विभाग के अधीन फंड के ट्रस्टी के रूप में कार्य करने के लिये एक प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी के गठन की आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी की जायेंगी। इसमें मध्यप्रदेश वेंचर फायनेंस ट्रस्टी कम्पनी प्रायवेट लिमिटेड अथवा रजिस्ट्रार ऑफ कम्पनीज द्वारा अनुमोदित अन्य लगभग समान नाम से एक प्रायवेट लिमिटेड कम्पनी गठित की जायेंगी। एसेट्स कम्पनी और ट्रस्टी कम्पनी के गठन के बाद कम्पनी द्वारा बेंकों, वित्तीय स्थापनाओं, कार्पोरेट्स आदि को भी अपना शेयर होल्डर बनाया जायेगा। इनके द्वारा न्यूनतम 51 प्रतिशत अंश धारित किये जा सकेंगे। सेबी एल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड्स रेग्यूलेशंस, 2012 के अनुसार वेंचर केपिटल फंड्स के लिए सेबी से पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जायेगा। फंड के संचालन के लिए भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882 के प्रावधानों के अनुसार मध्यप्रदेश एमएसएमई फंड अथवा रजिस्ट्रार, फर्म्स एण्ड सोसायटीज द्वारा अनुमोदित समान नाम से एक ट्रस्ट बनाया जायेगा। इसके माध्यम से राशि एकत्र करते हुए निवेश नीति के अनुरूप निवेश किया जायेगा। सेबी एल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड्स रेग्यूलेशंस, 2012 के प्रावधान के अनुसार राज्य शासन द्वारा 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक निवेश फंड में किया जायेगा। आवश्यक होने पर अतिरिक्त धनराशि भी निवेशित की जायेगी। अन्य निर्णय
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| दिनेश मालवीय |
नवाचार आधारित उद्योगों के लिए वेंचर फण्ड की संस्थागत व्यवस्था
