छत्तीगसढ़ी राजभाषा आयोग के स्थापना दिवस पर महंत घासीदास संग्रहालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्कृति, पर्यटन एवं सहकारित मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने शुभारंभ समारोह में कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए लगातार कोशिश की जा रही है। 
मुख्यमंत्री से इस सम्बन्ध में चर्चा करके प्रदेश के सांसदों को लोकसभा में इस विषय को जोर-शोर से मुद्दा रखने के लिए कहा जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने में निश्चित ही सफलता मिलेगी। श्री बघेल ने प्रदेश के साहित्यकारों, लेखकों से भी सहयोग की अपील करते हुए इस दिशा में छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को बोलने में हमें गर्व की अनुभूति होनी चाहिए तभी हम इसके सम्मान को कायम रख पाएंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी भाषा को पहचान दिलाने की इस पुनीत मुहिम में उनसे जो भी मदद हो सकेगा करेंगे।
इस अवसर पर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मानसिंह परमार, संचालक संस्कृति एवं पुरातत्व श्री राकेश चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग के सचिव श्री सुरेन्द्र दुबे, डॉ. महादेव पाण्डेय, श्रीे केयूर भूषण, श्री दानेश्वर शर्मा के अलावा राजधानी के वरिष्ठ सहित्यकार व लेखक उपस्थित थे। कार्यक्रम में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
